केंद्र ने 20 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों के 116 शहरों में दस हज़ार इलेक्ट्रिक बसों के लिए मंजूरी प्रदान की है। प्रधानमंत्री-ईबस सेवा योजना के तहत ये वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें 3 से 40 लाख आबादी वाले शहरी इलाकों तैनात की जाएंगी।
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बसों की तैनाती के लिए चुनी गईं राज्य की राजधानियों के अलावा छोटे-छोटे सटे हुए वैधानिक कस्बे भी हैं। इनमे तीन लाख से कम जनसंख्या वाले पूर्वोत्तर एवं पर्वतीय क्षेत्रों के राजधानी शहर शामिल हैं।
केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने यह जानकारी लोकसभा में लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा प्रधानमंत्री-ईबस सेवा योजना को लागू किया जा रहा है जिसका उद्देश्य शहरी परिवहन प्रणाली को मजबूत करना है।
इस योजना से लगभग 30 प्रतिशत शहरों को संगठित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली शुरू करने में मदद मिलेगी, वहीँ करीब 80 प्रतिशत शहरों को पहली बार ई-मोबिलिटी में शामिल होने का मौक़ा मिलेगा।
एक अनुमान के मुताबिक़, योजना की अवधि में प्रत्यक्ष रूप से 45,000 से 55,000 नौकरियों के सृजन का अनुमान है। वहीं, बिहाइंड-द-मीटर विद्युत अवसंरचना और सिविल डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों के लिए कुल 10.48 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक कोई बस सेवा चालू नहीं हुई है। हालांकि इसमें से 8.40 करोड़ रुपये की मुख्य राशि जारी की गई है। जबलपुर शहर के लिए कुल 200 ई-बसें स्वीकृत की गई हैं और रियायत समझौता पर 12.02.2026 को हस्ताक्षर किया गया है।
