विपक्ष के विरोध के बाद आखिरकार लोकसभा में वक्फ (संशोधन) बिल 2024 पारित हो गया है। सरकार की तरफ से इस बिल पर आधे दिन से ज़्यादा समय तक चर्चा चली।
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर मतदान हुआ। स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि इस बिल के समर्थन में 288 वोट जबकि विरोध में 232 वोट पड़े।
केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड एक्ट में करीब 40 बदलाव करना चाहती है। विपक्ष ने इसे असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि सभी इंडिया ब्लॉक पार्टियां इस बिल को विफल करने के लिए एकजुट हैं। लोकसभा से पारित होने के बाद अब यह बिल राज्यसभा में चर्चा के लिए पेश किया जाएगा।
इस नए बिल से बोर्ड पर सरकार का नियंत्रण बढ़ जाएगा। केंद्र सरकार, वक्फ अधिनियम 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995 करना चाहती है। इसके अलावा केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड एक्ट में करीब 40 बदलाव भी करना चाहती है। इसमें एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश हो सकता है। इस संशोधन के ज़रिए महिलाओं और अन्य मुस्लिम समुदाय की सहभागिता को बढ़ाने की बात कही गई है।
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल को अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया और गाँधी जी का हवाला देते हुए कहा कि जब उनके सामने एक ऐसा कानून लाया गया ,जो उनको कबूल नहीं था तो उन्होंने कहा मैं ऐसे कानून को मानता नहीं हूं, उसको फाड़ता हूं तो मैं भी गांधी जी की तरह इस कानून को फाड़ता हूं।
बिल को संशोधनों के साथ पेश करते हुए माइनॉरिटी अफेयर्स मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन को संबोधित किया और फिर बिल को पारित करने के लिए मतदान हुआ। बताते चलें कि इस बिल को पिछले साल पेश किया गया था और इसके बाद इसे एक संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया था। अब यह बिल राज्यसभा में चर्चा के लिए पेश किया जाएगा।
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने इस विधेयक के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे संविधान की सुरक्षा की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि वक्फ अब मनचाहा दावा नहीं कर पाएगा। इसे सामाजिक न्याय की जीत बताते हुए गरीब मुसलमानों, महिलाओं, अनाथ बच्चों आदि को भी वक्फ की संपत्ति से लाभ मिलने की बात शहज़ाद पूनावाला ने कही।
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने वक्फ संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित होने पर कहा- “आने वाले समय में लोग इस इतिहास और बिल को पारित करने के तरीके को माफ नहीं करेगी। अगर आप किसी खास समुदाय को निशाना बनाएंगे तो देश का विकास नहीं होगा…हम राज्यसभा में भी बिल का विरोध करेंगे और बिल के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे…हम सड़कों पर भी उतरेंगे और जरूरत पड़ेगी तो अदालत भी जाएंगे…”
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने इसे गरीब मुसलमानों और महिला मुसलमानों के हक में बताया।
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के लोकसभा में पारित होने पर कहा- “इस देश में मुसलमानों के लिए इससे ज्यादा बुरा कानून पहले पारित नहीं हुआ। संविधान को ताक पर रखकर ये विधेयक पारित किया गया है… देश में इस बिल को लेकर बहुत गंभीर सवाल खड़े होंगे।”
बिल को अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताते हुए सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में बिल की कॉपी को फाड़ने की बात कही। चर्चा के समय उनका कहना था कि गांधी जी के सामने जब एक ऐसा कानून लाया गया ,जो उनको कबूल नहीं था तो उन्होंने उस कानून को मानने से इंकार किया और ओवैसी ने भी गांधी जी की तरह इस कानून को फाड़ने की बात कह कर बिल के पन्नों को अलग कर दिया। आगे उन्होंने कहा कि सरकार को बच्चियों की फ्रिक्र है तो इतनी मोहब्बत बिलकिस बानो से दिखा देते। वह आपको दुआएं देती।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर शशि थरूर ने कहा- “आखिरकार सरकार बहुत कम बहुमत से बिल पारित करने में सफल रही…बहस में सभी पक्षों की ओर से बहुत मज़बूती से अपने विचार व्यक्त किए गए…”