मोरक्को में मिला डायनासोर का अनोखा जीवाश्म

मोरक्को में अनोखे डायनासोर की एक नई प्रजाति का सबसे पुराना जीवाश्म मिला है। वैज्ञानिकों द्वारा खोजे गए इस विचित्र कवचधारी डायनासोर की गर्दन से लंबे काँटे निकले हुए हैं।

मोरक्को में मिला डायनासोर का अनोखा जीवाश्म

मोरक्को के एटलस पर्वतों में मिले एक डायनासोर के जीवाश्म ने विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। लगभग 16.5 करोड़ वर्ष पूर्व (जुरासिक काल) के इस डायनासोर का नाम स्पिकोमेलस रखा गया है।

यूनाइटेड किंगडम के बर्मिंघम विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ रिचर्ड बटलर के अनुसार, स्पिकोमेलस का कवच बेहद विचित्र और आश्चर्यजनक है, ऐसा कि दुनिया के किसी भी अन्य जानवर में कभी नहीं देखा गया। इसके शरीर पर एक मीटर तक लंबे नुकीले काँटे थे। इस शोध का सह-नेतृत्व करने वाले बर्मिंघम विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर रिचर्ड बटलर ने मीडिया को बताया कि यह अपने समय का “पंक रॉकर” था।

पंक रॉक एक उप-संस्कृति और संगीत शैली है जो पहली बार 1970 के दशक में उभरी थी। इसके फॉलोवर अक्सर नुकीले बाल और और इसी प्रकार के अन्य सामान पहनते हैं। प्रोफ़ेसर बटलर ने कहा, “यह अब तक खोजे गए सबसे अजीबोगरीब डायनासोरों में से एक है।”

उन्होंने कहा, “इस जानवर की पीठ पर अजीबोगरीब नुकीले सिरे और उभार हैं, जिसमें गर्दन के चारों ओर लिपटा एक हड्डीदार कॉलर और पूंछ के सिरे पर किसी प्रकार का हथियार भी शामिल है, इसलिए यह एक बहुत ही असामान्य डायनासोर है।”

ये जानवर डायनासोर के पृथ्वी पर रहने के बाद के काल तक, जिसे क्रेटेशियस काल कहा जाता है, जीवित रहे। यह 14.5 करोड़ से 6.6 करोड़ वर्ष पूर्व की बात है।

2022 और 2023 में मिले जीवाश्मों से डायनासोर के शरीर के अधिकांश हिस्से की संरचना का पता चला है, हालाँकि इसके सिर की खोज अभी बाकी है। अवशेषों से पता चलता है कि इसकी पीठ पर छोटे-छोटे काँटे थे।

शोधकर्ताओं के पास जानवर के अनुपात के बारे में निश्चित रूप से बताने के लिए पर्याप्त कंकाल नहीं है, लेकिन उनका अनुमान है कि यह लगभग चार मीटर लंबा और एक मीटर ऊंचा रहा होगा, तथा इसका वजन लगभग दो टन रहा होगा।

एंकिलोसॉर डायनासोर लाखों वर्षों तक सबसे सफल शाकाहारी डायनासोरों में से थे और स्टेगोसॉर परिवार से थे। मोरक्को में पाए गए इस जानवर की विस्तृत और नुकीली आकृति ने विशेषज्ञों को चौंका दिया है, जिन्हें अब इस बात पर पुनर्विचार करना होगा कि इन कवचधारी डायनासोरों का विकास कैसे हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *