लखनऊ में ऐतिहासिक किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का दीक्षांत समारोह बीती रात शनिवार को संपन्न हुआ। जोश और गर्व के साथ ख़त्म होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शामिल हुए। डॉक्टरों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने देश के बदलते हेल्थकेयर सिस्टम पर बात की।

केजीएमयू के 21वें दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 2431 स्टूडेंट्स को ऑनलाइन डिग्री प्रदान की गई। इनमें 81 मेधावियों को मेडल और अवॉर्ड्स देकर सम्मानित किया गया। इनमें कुल 48 छात्राएं और 33 छात्र शामिल रहे। समारोह में 100 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल, 7 को सिल्वर, 2 को बुक प्राइज, 3 को कैश प्राइज और 7 को सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर दिया गया।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के शानदार इतिहास को याद करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि यहां से निकले छात्र पूरी दुनिया में इंसानियत की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “केजीएमयू जैसे संस्थान में काम करना या यहां पढ़ना किसी सम्मान से कम नहीं है।” उन्होंने नए डॉक्टरों को सिखाया कि मरीज आपके पास सिर्फ अपनी बीमारी का इलाज कराने नहीं आते, बल्कि जिंदगी की उम्मीद लेकर आते हैं।
देश के हेल्थकेयर सिस्टम में आए क्रांतिकारी बदलावों को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 20वीं सदी तक देश में सिर्फ एक एम्स था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 23 एम्स काम कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी दोगुनी से ज्यादा हो गई है। नड्डा ने कहा कि पहले स्टूडेंट्स को हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाना पड़ता था, लेकिन आज भारत में सबसे अच्छे इंस्टीट्यूशन, वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और मॉडर्न फैसिलिटी हैं।
आयुष्मान भारत स्कीम के आंकड़ों पर बात करते हुए, हेल्थ मिनिस्टर ने कहा कि इस स्कीम में अब 620 मिलियन लोग शामिल हैं। उन्होंने खास तौर पर बताया कि 70 साल से ज़्यादा उम्र के हर सीनियर सिटिज़न को अब उनकी फाइनेंशियल हालत चाहे जो भी हो, हर साल 5 लाख रुपये का फ्री हेल्थ कवरेज मिल रहा है।
भारत के कोविड मैनेजमेंट की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि जहां डेवलप्ड देश फिजिकल सर्टिफिकेट जारी कर रहे थे, वहीं भारत ने डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करके दुनिया के लिए एक मिसाल कायम की है।
गभ्वती महिलाओं और बच्चों की मॉनिटरिंग पर केंद्र्ति मंत्री ने बताया कि भारत का हेल्थकेयर सिस्टम इतना मजबूत हो गया है कि लगभग 50 मिलियन प्रेग्नेंट मांओं और उनके बच्चों को किसी भी समय डिजिटली ट्रैक किया जाता है, जिससे प्री-नेटल और पोस्ट-नेटल वैक्सीनेशन पक्का होता है।
ग्रेजुएट हो रहे स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए यूपी भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि एक डॉक्टर की ज़िंदगी में सीखने का प्रोसेस कभी खत्म नहीं होता। हर नया पेशेंट और हर नया केस आपको कुछ नया सिखाता है।
इस अवसर पर केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा 2025 में कुल 18 हजार 900 ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुए हैं। फिलहाल, यहां 62 डिपार्टमेंट हैं। इनमें 53 मेडिकल, 9 डेंटल विभाग हैं। 540 यूजी, 677 पीजी की सीटें हैं. 4250 बेड हैं।
दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने की। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और यूपी भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी भी शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के तौर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह भी मंच पर मौजूद रहे. कुलपति प्रो. डॉ. सोनिया नित्यानंद ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।











