बेरोजगारी और कर्ज ने तीन साल में ले लीं 26 हजार लोगों की जान- केंद्र सरकार

देश में बेरोजगारी इस समय सबसे बड़ा मुद्दा है। यही बेरोजगारी कई लोगों की मौत की वजह बनती है। इसी संबंध में सरकार द्वारा आज संसद में बेरोजगारी के कारण जान देने वालों का एक आंकड़ा पेश किया है। सरकार ने राज्यसभा को बताया कि तीन साल के भीतर बेरोजगारी की वजह से 10 हजार लोगों ने अपनी जान दी है।

बेरोजगारी और कर्ज ने तीन साल में ले लीं 26 हजार लोगों की जान- केंद्र सरकार

सरकार ने अपनी जानकारी में ये भी बताया कि 2018 से 2020 के बीच 16,000 से अधिक लोगों ने दिवालियेपन या कर्ज के कारण आत्महत्या की है जबकि 9140 लोगों ने बेरोजगारी के कारण अपनी जान दे है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के मुताबिक़ 2020 में 5,213 लोगों ने दिवालियेपन या कर्ज के कारण जबकि 2019 में 5,908 और 2018 में 4,970 लोगों ने आत्महत्या की।

एक लिखित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2020 में बेरोजगारी के कारण कुल 3,548 लोगों ने, 2019 में 2,851 और 2018 में 2,741 लोगों ने आत्महत्या की।

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