देश आज बापू की 154वीं और शास्त्री जी की 119वीं जयंती मना रहा है

आज देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 154वीं तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 119वीं जयंती मना रहा है। अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी की जयंती को दुनिया अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाती है।

देश आज बापू की 154वीं और शास्त्री जी की 119वीं जयंती मना रहा है

बापू ने ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के विचार को अपनाते हुए सारी दुनिया को इसकी ताकत का एहसास दिलाया। उनके अहिंसक सत्याग्रह से मिलने वाली आज़ादी संसार के लिए एक मिसाल बन गई।

सारी दुनिया बापू को कितना सम्मान देती है इसका उदहारण सितंबर में आयोजित जी20 सम्मलेन में देखने को मिला। सम्मलेन में आये सभी राष्ट्राध्यक्ष बापू की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। इस अवसर पर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, ”भारत और अमरीका के मध्य साझेदारी महात्मा गांधी के संरक्षक (ट्रस्टीशिप) के सिद्धांत में निहित है… ट्रस्टीशिप जो हमारे देशों के बीच साझा है और जो हमारे साझे ग्रह के लिए है।”

‘जय जवान जय किसान’ का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री का सादा जीवन, सरल स्वभाव और ईमानदारी की मिसाल रहा है। उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 02 अक्टूबर 1904 को जन्मे शास्त्री जी ने ननिहाल में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की। मात्र 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने देश की आजादी में हिस्सा लेने के लिए पढ़ाई भी छोड़ दी। केवल 17 साल की उम्र में एक स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

देश के दूसरे प्रधानमंत्री की ज़िम्मेदारी उठाने वाले शास्त्री जी ने 09 जून 1964 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। मात्र डेढ़ साल के लिए ही प्रधानमंत्री पद पर रह सके। उनकी मृत्यु 11 जनवरी 1966 को रहस्यमी तरीके से हो गई।

अपनी आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ में महात्मा गाँधी स्वच्छता के लिए खुद आगे आकर लोगों को प्रेरित करने का ज़िक्र करते हैं। बापू के इस सपने को पूरा करने के लिए वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया जो आज भी जारी है।

बापू की जयंती पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम के लिए भाजपा सेवा पखवाड़ा मना रही है।

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