आयकर रिटर्न से जुड़ा एक फ़र्ज़ी सन्देश इस समय सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस संदेश में कहा जा रहा है कि आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि बड़ा दी गई है। आयकर विभाग ने इसे फ़र्ज़ी बताया है और करदाताओं को आगाह किया है कि ऐसे किसी भी फ्रॉड से बचें।

आयकर विभाग ने इस दावे को झूठा बताते हुए स्पष्ट किया है कि आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 ही है। पहले यह 31 जुलाई 2025 थी जिसे बाद में बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दिया गया था। हालाँकि अब एक फ़र्ज़ी मैसेज से यह सन्देश फैलाया जा रहा है कि आयकर रिटर्न की तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दी गई है।
आयकर विभाग का कहना है कि करदाताओं को केवल आधिकारिक हैंडल @IncomeTaxIndia से जारी किए गए अपडेट पर ही विश्वास करना चाहिए। इसके साथ ही फर्जी नोटिस की उस प्रति को भी जारी किया गया है जिसमें यह झूठा दावा किया गया था कि “सीबीडीटी (CBDT) ने आईटीआर दाखिल करने की तारीख 30 सितंबर तक बढ़ा दी है।
रिटर्न दाखिल करने संबंधी समस्या के लिए आयकर विभाग द्वारा हेल्पडेस्क 24×7 काम कर रहा है। करदाता फोन कॉल, लाइव चैट, वेबएक्स सेशन और ट्विटर/एक्स के माध्यम से यहाँ से किसी भी समय जानकारी हासिल कर सकते हैं।
करदाताओं आईटीआर जमा करने के लिए अपने पैन नंबर और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉग इन करके संबंधित आकलन वर्ष का चयन द्वारा सही आईटीआर फॉर्म भर सकते हैं। जानकारी की पुष्टि करनी होगी और बकाया कर का भुगतान करने के बाद रिटर्न जमा करना होगा। ऐसे में ध्यान रखें कि दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर ई-सत्यापन आवश्यक है, अन्यथा रिटर्न अमान्य हो सकता है।
निर्धारित तिथि यानी 15 सितंबर के बाद रिटर्न दाखिल करने पर जुर्माना लगेगा। पांच लाख रुपये से अधिक आय वालों को पांच हज़ार रुपये जबकि इससे कम आय वालों को एक हज़ार रुपये का जुर्माना देना होगा।
बताते चलें कि विलंबित या संशोधित रिटर्न (Revised Returns) 31 दिसंबर 2025 तक जबकि अद्यतन रिटर्न (ITR-U) 31 मार्च 2030 तक स्वीकार किए जाएंगे।
विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, 13 सितंबर तक 6 करोड़ से ज्यादा आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। पिछले साल की तुलना में दाखिल किए गए रिटर्न की संख्या लगातार बढ़ रही इज़ाफ़ा हुआ है।













