पूरे भारत में बारिश की कमी घटकर बारह फीसद रह गई है

मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है। हालाँकि अगस्त की शुरुआत अधिकतर हिस्सों में बारिश के साथ हुई है फिर भी मौसम विभाग की मानें तो अब तक देश में बारिश में कुल 12 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश में ज़्यादातर जिलों में सामान्य से भारी बारिश हुई। बीते दो दिनों में दोबारा सक्रिय हुए मानसून की बदौलत सर्वाधिक बारिश कन्नौज में 125 मिमी दर्ज हुई। बहराइच में 104 मिमी, इटावा में 100 मिमी, अयोध्या में 94.8 मिमी, लखीमपुर खीरी में 81.6 मिमी और कानपुर में 75 मिमी बारिश हुई। कह सकते हैं कि इस बारिश ने प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मध्यम, सामान्य या हलकी बरसात की। नतीजे में प्रदेश में तापमान में गिरावट आई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, डोलैट कैपिटल की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी में कहा गया है कि पूरे भारत में बारिश की कमी घटकर 12 फीसद रह गई है। इस बीच अल नीनो का जोखिम अभी भी बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह बारिश के दायरे में सुधार हुआ है, लेकिन बारिश के वितरण में श्रेणियों के हिसाब से बदलाव देखने को मिला।

डीडी न्यूज़ के मुताबिक़, कम बारिश वाले इलाकों का हिस्सा एक सप्ताह पहले के 40 प्रतिशत से घटकर 36 प्रतिशत हो गया, जबकि बहुत कम बारिश वाले इलाकों की संख्या शून्य रही। वहीं, अधिक बारिश वाले इलाकों का हिस्सा पिछले सप्ताह के महज 1 प्रतिशत से तेजी से बढ़कर 11 प्रतिशत हो गया।

हालांकि, सामान्य बारिश वाले इलाकों का हिस्सा 57 प्रतिशत से घटकर 51 प्रतिशत रह गया। डोलैट कैपिटल के अनुसार, यह सुधार मुख्य रूप से अधिक बारिश वाले इलाकों की वजह से हुआ, न कि कम बारिश वाले क्षेत्रों के सामान्य स्थिति में आने से। इससे स्पष्ट होता है कि देश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हुई, न कि बारिश के वितरण में व्यापक सुधार हुआ।

पूरे देश में इस समय मॉनसून सामान्य से धीमी रफ्तार में बारिश का मौसम बनाए हुए है। बुधवार के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, 42 अन्य जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित राज्य के पूर्वी और पश्चिमी इलाक़ों के 50 जिलों में बुधवार से शुक्रवार तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही करीब 36 जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का भी अलर्ट है।

बुधवार सुबह दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में भी दिन की शुरुआत बारिश के साथ हुई। मौसम विभाग का कहना है कि 5 अगस्त को असम और मेघालय में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है। वहीं 5 से 10 अगस्त के बीच नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में व्यापक बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम के साथ अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और में भी अच्छी बारिश होने के संकेत मिले हैं। झारखंड में 5 से 8 अगस्त और 10 अगस्त, जबकि बिहार में 5 और 6 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है। केरल के अलावा तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी आने वाले तीन दिनों तक बारिश होने की संभावना है।

इस बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश सहित बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तेलंगाना समेत कई राज्यों के मौसम को लेकर जो संकेत दिया है उसमें कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने खतरा जताया गया है।
बताते चलें कि जलाशयों में पानी का भंडार बढ़ने के साथ-साथ, निकट भविष्य में मध्य और पश्चिमी भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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