नवंबर 2023 में नाइजीरिया के वीरान रेगिस्तानी इलाके में खोजी गई मंगल ग्रह की सबसे बड़ी चट्टान की नीलामी हो गई है। दुनिया की मशहूर नीलामी कंपनी सोथबीज ने इसे 5.3 मिलियन डॉलर में बेचा। यह रक़म करीब 44 करोड़ रुपये होती है। यह नीलामी में बिकने वाला सबसे महंगा उल्कापिंड बन गया है।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगल ग्रह से आई इस 54 पाउंड की चट्टान का नाम ‘NWA16788’ है, जो इतिहास की सबसे कीमती चट्टान साबित हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उल्कापिंड (Meteorite) सोथबीज़ (Sotheby’s) की नीलामी लगभग 43 लाख डॉलर में हुई और टैक्स जोड़ने के बाद इसे लगभग 53 लाख डॉलर में खरीदा गया।
सोथबीज की उपाध्यक्ष और विज्ञान एवं प्राकृतिक इतिहास की जानकार कैसंड्रा हैटन ने इस उल्कापिंड के बिकने से पहले कहा- “यह एक अद्भुत टुकड़ा है, जो मंगल ग्रह से टूटा और पृथ्वी तक पहुंच गया।” गौरतलब है कि, इस टुकड़े ने अंतरिक्ष में लगभग 22.5 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पृथ्वी तक अपनी यात्रा पूरी की है।
इस उल्कापिंड को खरीदने वाले ने अपनी पहचान गुप्त रखी है। खरीदारी के लिए लोगों के बीच 15 मिनट तक बोली चली। यह बोली ऑनलाइन और फोन कॉल के जरिए लगाई जा रही थी।
रिपोर्ट के अनुसार, यह चट्टान मंगल ग्रह से टकराने वाले एक उल्कापिंड (asteroid) के परिणामस्वरूप अंतरिक्ष में आई और फिर 14 करोड़ मील की यात्रा करके नाइजीरियाई रेगिस्तान में उतरी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अब तक अंतरिक्ष से 77,000 चट्टानें पृथ्वी पर आ चुकी हैं, जिनमें से 400 चट्टानें मंगल ग्रह से आई हैं। इसकी खास बात यह है कि यह पहले मिले मंगल ग्रह के उल्कापिंडों से 70 प्रतिशत बड़ा है।
