भारतीय टीम ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए पहले वीमेंस टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। महिला टीम ने न सिर्फ इस मैच में 270 रनों से जीत हासिल की बल्कि कई उपलब्धियां भी इस टीम के हिस्से में आईं। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस उपलब्धि पर देश की बेटियों की सराहना की है।
मैच के चौथे और आखिरी दिन दूसरी पारी में जीत के लिए इंग्लैंड की टीम को 457 रनों की ज़रूरत थी लेकिन उसकी टीम दूसरी पारी में 186 रनों पर ऑलआउट हो गई। यह मैच भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि बन गया और इसका कारण यह है कि इंग्लैंड में ही खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप मैच में भारतीय टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इससे पहले साल 1884 की घटना है जब 21 जुलाई से 23 जुलाई के बीच लॉर्ड्स पर पुरुष टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच खेला था। इस मैच में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को पारी और पांच रनों से शिकस्त दी थी। इस मैच के पूरे 142 सालों के बाद महिला टेस्ट क्रिकेट का पहला मैच खेला गया जिसमें इंग्लैंड टीम को हार मिली।
इस टेस्ट मैच में यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर शतकीय पारी खेली। वहीं क्रांति गौड़ ने पांच विकेट लिए। दोनों ही खिलाड़ी ने इसी के साथ ही इतिहास लिख दिया। रिपोर्ट के मुताबिक़ यास्तिका ने लॉर्ड्स में शतक लगाया जबकि क्रांति ने पांच विकेट लिए। इंग्लैंड टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया था जिसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए।
इस दौरान स्मृति मंधाना ने 83 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रनों की पारी खेली। भारतीय टीम ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए इंग्लैंड की टीम को 170 रनों पर ऑलआउट कर दिया और 115 रनों की बढ़त बनाई।
पहली पारी में मध्यम गति की तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ ने 37 रन देकर पांच विकेट लिए और अपना नाम हॉल ऑफ़ फ़ेम में दर्ज कराया। इसके साथ ही वह लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर टेस्ट मैच में पांच विकेट लेने वालीं पहली गेंदबाज़ बन गई हैं। स्नेह राणा और सायली सातघरे ने दो-दो विकेट लिए जबकि दीप्ति शर्मा ने एक विकेट लिया।
भारतीय टीम के लिए दूसरी पारी में बल्लेबाज़ों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और विकेटकीपर बल्लेबाज़ यास्तिका भाटिया ने अपना शतकी लगाया। इस शतक की बदौलत यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर शतक लगाने वालीं पहली महिला बल्लेबाज़ बनीं। यास्तिका ने 14 चौकों की मदद से 113 रन बनाए। इसके अलावा स्मृति मंधाना ने दूसरी पारी में 70 रन बनाए जबकि ऋचा घोष ने 50 रन बनाए।
दूसरी पारी के लिए खेलते हुए भारतीय टीम ने 341 रनों पर 7 विकेट के नुक़सान पर पारी घोषित कर दी। इस तरह भारत ने इंग्लैंड को 457 रनों का लक्ष्य दिया। भारतीय गेंदबाज़ों ने दूसरी पारी में भी शानदार गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया। इस पारी में स्पिनर स्नेह राणा ने चार विकेट लेकर 42 रन दिए। इस पारी में सायली सातघरे, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए।
इन खिलाडियों को बधाई देते हुए केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “लॉर्ड्स में रचा इतिहास। हमारी महिला क्रिकेट टीम को इस मशहूर मैदान पर टेस्ट मैच जीतने वाली पहली महिला टीम बनने पर बधाई। इंग्लैंड पर 270 रनों की शानदार जीत इस उपलब्धि को और भी खास बनाती है। इस मौके पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा कि यह शानदार जीत क्रिकेटरों की पीढ़ियों को प्रेरित करेगी और भारत में महिला क्रिकेट के विकास को और मजबूत करेगी।