सोमवार को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया और आज यानी 14 जुलाई से ये एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खुल गया। इस एक्सप्रेसवे से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय मौजूदा 2.5-3 घंटे से घटकर लगभग 35-45 मिनट हो जाने की उम्मीद है।
बीते दिन यानी 13 जुलाई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा में बड़ा सुविधा मिल सकेगी। छह-लेन वाले इस एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) द्वारा विकसित 63 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से मौजूदा रास्तों पर भीड़ कम होने और दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय मौजूदा 2.5-3 घंटे से घटकर लगभग 35-45 मिनट हो जाने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस रास्ते को 120 किमी/घंटा तक की गति के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो अक्सर जाम रहने वाले NH-27 कॉरिडोर का एक तेज़ विकल्प है।
रूट और कनेक्टिविटी
यह एक्सप्रेसवे नेशनल एक्सप्रेसवे 6 (NE-6) के हिस्से के तौर पर लखनऊ और कानपुर के बीच बना है और छह-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के ज़रिए इन दो बड़े शहरी केंद्रों को जोड़ता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह लखनऊ में शहीद पथ इलाके को कानपुर में चकेरी से जोड़ता है और उन्नाव ज़िले के कुछ हिस्सों से होकर गुज़रता है।
इस प्रोजेक्ट को लखनऊ आउटर रिंग रोड से भी जोड़ा गया है। इससे कानपुर से आने वाले वाहन लखनऊ शहर के बीच में आए बिना रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और सुल्तानपुर की ओर जा सकेंगे।
18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
इस एक्सप्रेसवे की एक खास बात इसका एलिवेटेड (ऊँचाई पर बना) हिस्सा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 63 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का लगभग 18 किलोमीटर हिस्सा यानी कुल लंबाई का लगभग 30% एलिवेटेड स्ट्रेच के तौर पर बनाया गया है। उम्मीद है कि एलिवेटेड हिस्सा वाहन चालकों को अमौसी, सरोजिनीनगर और NH-27 के कुछ हिस्सों के आसपास ट्रैफिक जाम से बचने में मदद करेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच आवाजाही आसान हो जाएगी।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल चार्ज
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने अलग-अलग तरह की गाड़ियों के लिए टोल रेट तय किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लिए टोल इस प्रकार हैं:
कार, जीप और एसयूवी के लिए-
एक तरफ का टोल: ₹275
24 घंटे के अंदर वापसी का सफ़र: ₹415
हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए:
एक तरफ का टोल: ₹445
24 घंटे के अंदर वापसी का सफ़र: ₹670
बस और ट्रक के लिए:
एक तरफ का टोल: ₹935
24 घंटे के अंदर वापसी का सफ़र: ₹1,405
भारी वाहनों के लिए:
एक तरफ का टोल: ₹1,020
24 घंटे के अंदर वापसी का सफ़र: ₹1,530
इस एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों की अनुमति नहीं है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सप्रेसवे पर पांच टोल प्लाज़ा हैं। हालांकि, अभी चार जगहों पर टोल वसूला जा रहा है, जबकि लखनऊ आउटर रिंग रोड से जुड़ा टोल प्लाज़ा टोल-फ्री रहेगा।
भारत का पहला बैरियर-फ्री एक्सप्रेसवे
रिपोर्ट्स के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को भारत के पहले बैरियर-फ्री एक्सप्रेसवे के तौर पर शुरू किया जा रहा है। पारंपरिक टोल बूथों के बजाय, इसमें गाड़ियों की पहचान करने और टोल चार्ज अपने-आप काटने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और FASTag रीडर का इस्तेमाल किया जाता है। इस सिस्टम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि गाड़ियां पारंपरिक टोल बैरियर पर रुके बिना गुज़र सकें और सफ़र में कोई रुकावट न आए।
आम लोग इसका इस्तेमाल कब कर पाएंगे?
हालांकि एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था, लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसके 14 जुलाई से आम लोगों के लिए खुलने की उम्मीद है। एक बार चालू हो जाने पर, इस कॉरिडोर से मौजूदा लखनऊ-कानपुर रूट के मुकाबले तेज़ी से सफ़र करने का विकल्प मिलने की उम्मीद है और यह उत्तर प्रदेश के बढ़ते एक्सप्रेसवे नेटवर्क में एक अहम हिस्सा बन जाएगा।