पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 17 दिन से अनशन पर हैं। उनका यह अनशन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की मांगों के समर्थन में किया गया है। इस बीच उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है। भूख हड़ताल कर रहे प्रदर्शनकारियों से कई प्रमुख हस्तियों ने अनशन खत्म करने की अपील की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की बिगड़ती सेहत को लेकर गहरी चिंता जताई। इस समूह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का पूरा समर्थन किया। यह अपील ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन के 24वें दिन की गई। 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने की योजना है।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक खबर के अनुसार, लेखक अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह, और अर्थशास्त्री जयंती घोष समेत कई जाने-माने नागरिकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे प्रदर्शनकारियों से अपना अनशन खत्म करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का पूरा समर्थन भी किया।
सोमवार को जारी एक संयुक्त बयान में, इन लोगों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई करने के लिए प्रदर्शनकारियों का “बहुत-बहुत आभार” जताया, लेकिन उनकी बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता भी ज़ाहिर की।
बयान में कहा गया, “हम आपके मकसद, आपके संकल्प और उस हिम्मत को सलाम करते हैं जिसके साथ आप देश भर के छात्रों और युवाओं के लिए इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।”
यह अपील जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शन के 24वें दिन और शिक्षाविद व पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 16वें दिन की गई।
आयोजकों के अनुसार, उपवास शुरू करने के बाद से वांगचुक का वज़न 8.2 किलोग्राम कम हो गया है। उनकी हालिया मेडिकल जांच में ब्लड प्रेशर 107/70 mmHg पाया गया।
प्रदर्शनकारियों से अपना अनशन खत्म करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, “हम आपसे गुज़ारिश करते हैं कि आगे की लंबी और मुश्किल लड़ाई को ध्यान में रखते हुए कृपया इस भूख हड़ताल को तुरंत खत्म करने पर विचार करें। यह लड़ाई एक मैराथन की तरह है, न कि स्प्रिंट की तरह, और आने वाले दिनों में हमें आपकी, आपकी ताकत और आपके नेतृत्व की ज़रूरत है।”
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी है, “सोनम सर की भूख हड़ताल का 17वां दिन। उनकी मांसपेशियों का वज़न कम होना शुरू कर दिया है और वे बेहद दर्द में हैं।”
दीपक ने आगे लिखा, “बाकी सभी लोगों की तरह मैंने भी उनसे अपनी भूख हड़ताल ख़त्म करने की गुज़ारिश की। उन्होंने शांत भाव से जवाब दिया कि मुझसे भूख हड़ताल ख़त्म करने के लिए मत कहिए। सरकार से पूछिए कि वह बातचीत तक क्यों नहीं करना चाहती।”
सोनम वांगचुक के समर्थन में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने अपना बयान जारी करते हुए एक्स पर पोस्ट में लिखा, “सोनम सर, आपके अनशन ने न्याय की लड़ाई में देश के युवाओं को एकजुट कर दिया है। आपका लक्ष्य पूरा हो गया है।” वह आगे लिखती हैं, “सरकार को आपकी (सोनम वांगचुक) ज़िंदगी या करोड़ों युवाओं की ज़िंदगी की परवाह नहीं है। लेकिन आपकी ज़िंदगी हमारे लिए मायने रखती है। कृपया अनशन ख़त्म करें और लड़ाई जारी रखें।”
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार जारी है। इस बीच सोमवार को प्रदर्शनस्थल से सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें उन्हें दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी से बात करते देखा जा सकता है। वीडियो में अभिजीत कहते नजर आ रहे हैं, ‘वह मर जाएंगे तभी आपको तसल्ली मिलेगी।’ यह मामला सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल से जुड़ा है। उनके प्रदर्शन स्थल पर तिरपाल लगाया गया है। इसे ही हटाने के लिए पुलिस कह रही, जिसके बाद अभिजीत दीपके पुलिस अधिकारी से उलझते नजर आए।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर थ्री इडियट के चतुर यानी ओमी वैद्य ने जताते हुए एक भावुक वीडियो शेयर की है और इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है। ओमी वैद्य ने लोगों से खास अपील करते हुए कहा सोनम वांगचुक की हालत खराब है वो पिछले 15 दिन से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। वीडियो में अपना दुख जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता वो मर जाएं।
ओमी ने बताया कि फिल्म में आमिर खान का फुंसुक वांगड़ू वाला किरदार असल जिंदगी के इंजीनियर, आविष्कारक और शिक्षक सोनम वांगचुक से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि उनकी सोनम से मुलाकात हो चुकी है और वो बेहद सादगी पसंद और समाज के लिए काम करने वाले इंसान हैं।
ओमी ने लोगों से सोनम वांगचुक की हालत पर ध्यान देने कीअपील करते हुए कहा कि वो लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं, कई हफ्तों से उन्होंने खाना नहीं खाया और उनका ब्लड शुगर लेवल भी काफी गिर गया है। ये मुद्दा बेहद गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
आगे ओमी कहते हैं कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, लद्दाख के लोगों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर किसी की राय अलग हो सकती है, लेकिन वो इतना जरूर जानते हैं कि एक ऐसे इंसान को मरते हुए नहीं देख सकते जिसने समाज के लिए जिसने समाज के लिए इतने अच्छे काम किए हैं।
ओमी वैद्य वीडियो के अंत में भावुक अंदाज में कहते हैं कि हम अपनी जिंदगी में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि आसपास क्या हो रहा है, उस पर ध्यान नहीं दे पाते। उन्होंने लोगों से अपील की कि थोड़ा समय निकालकर इस मुद्दे को समझें और अगर संभव हो तो अपनी आवाज उठाएं। वह इन ट्वीट के रीट्वीट किए जाने की बात कहते हैं ताकि सरकार तक बात पहुंचा सके।