आज से भारत के पहले सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ हो रहा है। ‘भारत टैक्सी’ की कल्पना मोबिलिटी क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में की गई है। इस योजना के तहत ड्राइवरों, जिन्हें सारथी कहा जाता है, को स्वामित्व, संचालन और मूल्य-निर्माण के केंद्र में रखा गया है।

आज लॉन्च होने वाली देश की पहली सहकारी कैब टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और वे खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार या मालिक होंगे।
सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक़, ‘भारत टैक्सी’ का मक़सद ड्राइवरों को निजी एग्रीगेटर कंपनियों के मॉडल से आजादी दिलाना है। टैक्सी का ट्रायल 2 दिसंबर को दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू किया गया था, जो कामयाब रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में इसकी शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम के उद्घाटन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चालक बहन-भाई ‘भारत टैक्सी’ से न सिर्फ अधिक मुनाफा कमा पाएंगे, बल्कि सम्मान के साथ इसके मालिक भी होंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गृह मंत्री ने लिखा, “सहकारिता से बहुत सारे लोग मिलकर छोटी-छोटी पूंजी लगाकर कैसे बड़ी शुरुआत कर सकते हैं, ‘भारत टैक्सी’ इसका उदाहरण है। आज का दिन टैक्सी चालक बहनों-भाइयों के लिए बहुत ही अहम है। उनकी ओर से शुरू की गई सहकारी क्षेत्र की पहली टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ का नई दिल्ली में शुभारंभ होगा। चालक बहन-भाई ‘भारत टैक्सी’ से न सिर्फ अधिक मुनाफा कमा पाएंगे, बल्कि सम्मान के साथ इसके मालिक भी होंगे। आज इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।”
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, भारत टैक्सी बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत भारत का पहला सहकारिता-नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसकी स्थापना 6 जून 2025 को की गई थी।
गौरतलब है कि सहकारिता-आधारित मोबिलिटी इकोसिस्टम में उत्कृष्ट योगदान के लिए शीर्ष छह प्रदर्शन करने वाले सारथियों को सम्मानित किया जाएगा। मंत्री इन सारथियों को शेयर प्रमाणपत्र वितरित करेंगे, जिससे ‘सारथी ही मालिक’ के मूल सिद्धांत को और अधिक मजबूती मिलेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, प्रत्येक सम्मानित सारथी को 5 लाख रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपए का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा, जो ड्राइवर कल्याण और दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा के प्रति भारत टैक्सी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर पर संचालनात्मक एकीकरण, डिजिटल सशक्तिकरण, सुरक्षा और सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख सार्वजनिक और निजी हितधारकों के साथ नौ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाएंगे।
यह प्लेटफॉर्म शून्य-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर कार्य करता है, जिसमें लाभ का प्रत्यक्ष वितरण ड्राइवरों को किया जाता है, जिससे यह विदेशी निवेश-आधारित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स का एक स्वदेशी विकल्प प्रस्तुत करता है।
भारत टैक्सी सारथियों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और समर्पित ड्राइवर सहायता प्रणाली के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
बताते चलें कि प्लेटफॉर्म त्वरित आपातकालीन सहायता, सत्यापित राइड डेटा प्रदान करता है और ड्राइवरों को बिना किसी अनन्य शर्त के अन्य प्लेटफॉर्म्स पर काम करने की आज़ादी देता है। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘बाइक दीदी’ जैसी पहलें चलाई जा रही हैं, जिसमे अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर भारत टैक्सी से शामिल हो चुकी हैं।
गौरतलब है कि इस स्थापना के बाद से अब तक लगभग 10 करोड़ रुपए की राशि अब तक सीधे ड्राइवरों में वितरित की जा चुकी है। साथ ही लगभग चार लाख ड्राइवर भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और दस लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हो चुके हैं।
