लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ रोज़गार से जुड़े क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शुरुआत कर रहा है। विद्यार्थियों को रोजगार मिलने में आसानी रहे, इसके लिए कैंपस प्लेसमेंट की नई नीति को लागू किया जाएगा। इसके लिए यहां के सभी विभागों में अब पाठ्यक्रमों को इंटर्नशिप-उन्मुख, व्यावहारिक और कौशल-आधारित बनाया जाएगा।

मंगलवार को कुलपति प्रोफ़ेसर जेपी सैनी की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कैंपस प्लेसमेंट सेल की टीम की साथ मिलकर वर्तमान प्लेसमेंट प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रोफ़ेसर अनूप भारतीय ने जानकारी दी कि कुलपति ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित कंपनियों, बड़ी कॉर्पोरेट इकाइयों और उच्च वेतन-पैकेज प्रदान करने वाली शीर्ष संस्थाओं को कैंपस से जोड़ने के लिए कहा है। विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल की टीम को उन क्षेत्रों व उद्योगों की पहचान करनी की जिम्मेदारी दी गई है जहां भविष्य में मांग बढ़ रही है।
प्रोफ़ेसर जेपी सैनी ने वर्तमान प्लेसमेंट नीति की समीक्षा करने के बाद नई नीति के लिए अपनी ओर से सुझाव दिए हैं। साथ ही उन्होंने केंद्रीय प्लेसमेंट सेल टीम और विभागाध्यक्षों से भी सुझाव मांगे हैं। कुलपति ने निर्देश दिया कि प्लेसमेंट एवं इंटर्नशिप गतिविधियों के लिए विभागवार और विश्वविद्यालय स्तर पर स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।
इसके अलावा कुलपति ने इन लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की भी बात कही। साथ ही उन्होंने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक समयबद्ध एवं योजनाबद्ध कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात भी कही।
