हमारे घर या बगीचे में आने वाली चिड़िया सिर्फ चहचहाने या दाना चुगने नहीं आती बल्कि एक खुशनुमा माहौल बनाने वाला ये पक्षी अपनी मौजूदगी के साथ पर्यावरण की गुणवत्ता के बारे में भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देता है।
फ्रांस के ‘नेशनल सेंटर फॉर साइंटिफिक रिसर्च’ (CNRS) के एक शोध के अनुसार, पिछले 40 वर्षों में पूरे यूरोप में पक्षियों की आबादी में 25 प्रतिशत की कमी आई है। कृषि क्षेत्रों में रहने वाली प्रजातियों में तो यह गिरावट 60 प्रतिशत तक पहुँच गई है।
इस अध्ययन के हवाले से शोधकर्ता कहते हैं कि ये छोटी चिड़ियाँ पूरे फ्रांस में आम तौर पर पाई जाती हैं। उनके मुताबिक़, ये छोटी चिड़ियाँ किसी जगह पर यूँ ही नहीं आ जातीं। वे अपनी बुनियादी ज़रूरतों की तलाश में रहती हैं। इसमें भरपूर भोजन, पेड़ों, झाड़ियों और बाड़ वाले विविध वातावरण और काफी हद तक शांत माहौल के साथ छिपने या रहने की जगह भी शामिल है।
रिसर्च के अनुसार, ये पक्षी उन जगहों पर कम आते हैं जो बहुत ज़्यादा साफ-सुथरी हों, जहाँ बाड़ को एकदम सही तरीके से काटा-छाँटा गया हो और घास को बहुत छोटा रखा गया हो। गर्मियों में, ये मुख्य रूप से लार्वा, इल्लियों (caterpillars), कीड़े-मकोड़ों और मकड़ियों को खाती हैं। कभी-कभी ये फलों को भी चोंच मार सकती हैं, जिसकी वजह से फलों के बागों में इन्हें पसंद नहीं किया जाता। वहीँ सर्दियों के दौरान ये जीवित रहने के लिए मुख्य रूप से बीजों पर निर्भर रहती हैं।
बागवानों के लिए एक मददगार साथी
घोंसला बनाने के मौसम में, एक ‘टिट’ अपने चूजों को खिलाने के लिए एक दिन में 500 से ज़्यादा कीड़े, लार्वा और इल्लियाँ पकड़ सकती है। इस तरह, ये बगीचे के हानिकारक कीड़ों को खत्म करने में बहुत असरदार साबित होती हैं। ‘टिट’ को ‘प्रोसेसनरी कैटरपिलर’ (एक प्रकार की इल्ली) भी बहुत पसंद हैं। फ्रांस के ‘नेशनल फॉरेस्ट ऑफिस’ (ONF) के अनुसार, गर्म मौसम में इनके खाने की आदत से इन हानिकारक कीड़ों को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है।
शोधकर्ताओं की पड़ताल कहती है कि यदि चिड़िया नियमित रूप से आपके बगीचे में आती हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि वहां का स्थानीय इकोसिस्टम (पारिस्थितिकी तंत्र) उनके लिए अनुकूल है। उनकी मौजूदगी बताती है कि उन्हें अपनी ज़रूरत के संसाधन मिल रहे हैं और वहां का वातावरण उनके रहने के लिए काफी अच्छा है।
बहुत ज़्यादा प्रदूषण, कीटनाशकों का भारी इस्तेमाल और पौधों की विविधता की कमी इन पक्षियों के लिए बगीचे को कम आकर्षक बना सकती है, खासकर तब जब उनके घोंसले बनाने के लिए जगह कम हो जाए। और अगर वहां पर्याप्त भोजन न हो, तो उनके बार-बार आने की संभावना कम हो जाती है।
ऐसे में पक्षियों का नियमित रूप से दिखना एक अच्छा संकेत हो सकता है। यह बताता है कि आपके बगीचे में प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं और वहां इंसानी गतिविधियों का दखल कम है। इस तरह, ‘टिट’ पक्षी आपके बगीचे की पारिस्थितिक सेहत (ecological health) के एक ‘जीवित संकेतक’ के रूप में काम करते हैं। हालाँकि, सिर्फ उनके होने से यह पक्का नहीं कहा जा सकता कि वह इलाका पूरी तरह से प्रदूषण या कीटनाशकों से मुक्त है।
अपनी पारिस्थितिक भूमिका के अलावा, ये पक्षी हमें याद दिलाते हैं कि छोटे बगीचों में भी जैव विविधता (biodiversity) को बचाना कितना ज़रूरी है। जलवायु परिवर्तन इकोसिस्टम को बदल रहा है, जिससे स्वस्थ बाहरी जगहें और भी महत्वपूर्ण हो गई हैं। ये जगहें प्राकृतिक आवासों और संसाधनों के एक बड़े नेटवर्क में अहम कड़ियों का काम करती हैं। बर्ड वॉचिंग गाइड
ऐसे में अपने बगीचे में जैव विविधता को वापस लाने के लिए प्रयास करना या पहले से मौजूद वन्यजीवों को बनाए रखना, यह दिखाता है कि प्रकृति को बचाने के लिए उठाए गए छोटे कदम भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।