फर्नीचर के साथ सेहत के लिए भी खतरनाक है दीमक

दीमक अगर घर की लकड़ी पर हमला कर रही है तो यह भी जान लीजिए कि यह इंसानी सेहत को भी नुकसान पहुंचा रही है। अध्ययन बताते हैं कि यह नन्हा सा कीट सेहत को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।

दरअसल दीमक केवल लकड़ी के सामान की नहीं बल्कि इंसानी सेहत के लिए भी खतरनाक है। लकड़ी को कुतरते समय दीमक हवा में बारीक बुरादा और धूल फैलाने का काम करती है। इसके अलावा दीमक अपशिष्ट और लार के बारीक कण भी हवा में समां जाते हैं। यह हवा जब सांस के साथ शरीर में जाती है तो ये बारीक कण भी फेफड़ों में चले जाते हैं। इसके नतीजे में खांसी, छींक और सांस फूलने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

इस बारे में लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पबमेड (PubMed) की एक रिसर्च बताती है कि दीमक के अंदर ऐसे प्रोटीन्स पाए जाते हैं जो सीधे इंसानों में गंभीर एलर्जी और स्किन रैशेज पैदा कर सकते हैं। इस स्टडी से यह भी पता चलता है कि दीमक के मल से उड़ने वाले बारीक धूल कण जब सांस के जरिए अंदर जाते हैं, तो फेफड़ों के रास्ते में सूजन पैदा करके अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं।

दीमक नमी वाले स्थानों में पनपती है। दीमक की आबाद कालोनियां भी उस स्थान पर नमी बढ़ा देती हैं, जिससे दीवारों और लकड़ी पर फफूंद जमने लगती है। यह ज़हरीली फफूंद हवा में अपने अदृश्य बीज छोड़ती है जो शरीर के अंदर पहुंचकर खतरनाक फंगल इन्फेक्शन के साथ फेफड़ों की गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं।

इसका अंदाजा आप उस समय लगा सकते हैं जब घर में किसी भी व्यक्ति को त्वचा पर लाल चकत्ते या खुजली जैसी समस्या का सामना करना पड़े। हालाँकि इसके और भी कई कारण हो सकते हैं मगर दीमक में माध्यम बनने से इनका नहीं किया जा सकता है।

दीमक से बचाव के लिए घर को नमी से बचाना ज़रूरी है। घर के किसी भी हिस्से में पानी का रिसाव दीमक को पनपने में मदद करता है। इसके अलावा निर्धारित समय पर फेशनल पेस्ट कंट्रोल की मदद लें। घर बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि धूप और रौशनी का गुज़र हो सके। घर के खिड़की दरवाज़े हमेशा बंद न रखें। दीमक की मौजूदगी पर सचेत होने से बेहतर है कि इसके लगने के प्रति सचेत रहें और अपने घर के साथ घरवालों की सेहत का ख्याल रखें।

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