भविष्य की खुशियों की बुनियाद बनती हैं टीन एज की दोस्तियां-अध्ययन

एक नए अध्ययन के अनुसार, किशोरावस्था के दौरान की गई दोस्ती भविष्य की खुशियों की नींव रखती है। या कह सकते हैं कि इस तरह की तेन एज में होने वाली दोस्तियां भविष्य में कई तरह के फायदे पहुंचती हैं।

भविष्य की खुशियों की बुनियाद बनती हैं टीन एज की दोस्तियां-अध्ययन

यह शोध फ्रंटियर्स इन डेवलपमेंटल साइकोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने पाया कि शुरुआती किशोरावस्था में साथियों की संगत और वयस्कता में करीबी रिश्ते बनाने की क्षमता यह दर्शाती है कि वयस्कता में कोई व्यक्ति कितना संतुलित होगा।

जेम्स मैडिसन यूनिवर्सिटी में क्लिनिकल और स्कूल साइकोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर शोधकर्ता डेविड स्वेडो का कहना है- “किशोरावस्था के दौरान दोस्ती युवाओं को अंतरंग सहमति वाले रिश्तों में पहला कदम उठाने का मौका देती है।”

जिन वयस्कों को लगता था कि किशोरावस्था में उनके साथी उन्हें पसंद करते थे, उनमें चिंता और आक्रामकता का स्तर कम था, शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर था, सामाजिक जुड़ाव अधिक था, तथा पेशेवर और रोमांटिक जीवन में संतुष्टि अधिक थी।

उन्होंने एक समाचार विज्ञप्ति में कहा- “क्योंकि दोस्त आते-जाते रहते हैं, इसलिए दोस्ती एक ऐसा संदर्भ है जिसमें किशोरों को दोस्ती को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए कौशल विकसित करना चाहिए, अन्यथा उसे खोने का जोखिम उठाना चाहिए।” उनके मुताबिक़, यह कौशल भविष्य में दोस्ती और लंबे समय तक चलने वाले रोमांटिक रिश्ते बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं।

शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए 13-14 तथा 17-18 वर्ष की आयु के 184 अमरीकी छात्रों का साक्षात्कार लिया ताकि उनकी दोस्ती की गुणवत्ता और सामाजिक स्वीकृति को मापा जा सके।और बाद में उनसे उनके स्वास्थ्य, करियर और व्यक्तिगत जीवन के बारे में पूछा गया जब वे 28 से 30 वर्ष के थे।

शोध में यह भी पाया गया कि किशोरावस्था में अलग-अलग तरह की दोस्ती से युवाओं को अलग-अलग फायदे होते हैं।शोधकर्ताओं ने पाया कि बड़े किशोरों को सामाजिक स्वीकृति के उच्च स्तर की कमी का सामना नहीं करना पड़ा, जो युवा किशोरों के लिए महत्वपूर्ण है।

जिन वयस्कों को लगता था कि किशोरावस्था में उनके साथी उन्हें पसंद करते थे, उनमें चिंता और आक्रामकता का स्तर कम था, शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर था, सामाजिक जुड़ाव अधिक था, तथा पेशेवर और रोमांटिक जीवन में संतुष्टि अधिक थी।

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