सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। दिवाली से पहले राज्य के शिक्षकों और उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधाका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी द्वारा दी जाने वाली इस योजना से करीब 11 लाख शिक्षकों और उनके 60 लाख से अधिक परिवारों को लाभ होगा। खास बात यह है कि पात्र शिक्षकों को इस सुविधा के लिए कोई अंशदान नहीं देना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क होगी।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ :
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक
शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया
माध्यमिक शिक्षा के अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक
उच्च शिक्षा के अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के शिक्षक
ये सभी शिक्षक और उनके परिवार के सदस्य भी इस योजना के दायरे में आएंगे।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम शिक्षकों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा। दिवाली से पहले लागू होने जा रही इस योजना से शिक्षकों और उनके परिवारों की बड़ी चिंता दूर होगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है ताकि उन्हें आवश्यक चिकित्सा निःशुल्क और बिना किसी वित्तीय बोझ के मिल सके।













