हंगरी में आयोजित पोल्याक इमरे और वर्गा जानोस मेमोरियल रैंकिंग सीरीज में भारतीय पहलवान सुजीत कल्कल ने अपना सिक्का जमाया है। शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।

हंगरी में मिलने वाली इस जीत ने भारत की कुश्ती में अंतरराष्ट्रीय साख और मजबूती प्रदान की है। हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित इस कुश्ती टूर्नामेंट में सुजीत कल्कल ने पुरुषों की 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
बताते चलें कि यह जीत इस साल किसी भी रैंकिंग सीरीज़ इवेंट में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत के पहलवान जॉर्डन के अम्मान और मंगोलिया में हुए टूर्नामेंट में पदक नहीं जीत सके थे।
सुजीत ने खेल फाइनल दौर में अजरबैजान के चार बार के यूरोपीय पदक विजेता अली रहीमजादे को 5-1 से शिकस्त दी। हालाँकि पहले दौर में सुजीत ने एक एक्टिविटी पॉइंट खोया मगर दूसरे पीरियड में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार दो टेकडाउन किए। इसके बाद एक और एक्टिविटी पॉइंट हासिल कर उन्होंने 5-1 से शानदार जीत हासिल की।
बेहतरीन प्रदर्शन के साथ सुजीत ने प्री-क्वार्टर फाइनल में पेरिस 2024 ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता इस्लाम डुडाएव (अल्बानिया) को 11-0 से हराया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने यूरोपीय रजत पदक विजेता खमज़ात अर्सामर्ज़ोएव (फ्रांस) को शिकस्त दी। आर्मेनिया के वाज़गेन तेवान्यान को सेमीफाइनल में 6-1 से हराकर उन्होंने फाइनल में जगह बनाई।
भारत के राहुल ने जर्मनी के निक्लास स्टेचले को 4-0 से हराकर पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक हासिल किया है। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कोरिया गणराज्य के किम सुंग-ग्वोन को 5-3 से शिकस्त दी थी। सेमीफाइनल में अमरीका के ल्यूक जोसेफ लिलेडल ने उन्हें कड़े मुकाबले में 7-6 से हरा दिया। अन्य खेलों की बात करें तो भारत के उदित (61 किग्रा) और विकी (97 किग्रा) को रिपेचेज राउंड में हार मिली है।
गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट साल का चौथा और अंतिम रैंकिंग सीरीज़ इवेंट है। इसमें मिलने वाले रैंकिंग पॉइंट्स सितंबर में क्रोएशिया के ज़ाग्रेब में होने वाली विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए सीडिंग में मदद करेंगे।











