आर्टेमिस II द्वारा इस चालक दल के साथ चंद्रमा के दूर के हिस्से के चारों ओर ले जाकर वापस ले आया है और यह 1972 के बाद पहली बार है जब मनुष्य पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकला है।
आर्टेमिस II मिशन के चारों एस्ट्रोनॉट्स दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के तट के पास प्रशांत महासागर में उतरे। दस दिन के मिशन के दौरान एस्ट्रोनॉट्स ने लगभग 685,000 मील का सफ़र किया, चाँद का चक्कर लगाया और धरती पर लौटे।
यह मिशन 50 साल बाद इंसानों को फिर से चाँद के करीब ले गया। मिशन कमांडर रीड वाइसमैन ने इस सफर पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “हम बिल्कुल ठीक हैं, क्या यादगार सफ़र था।”
अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान अंतरिक्षयात्रियों ने चंद्रमा के दूर वाले हिस्से के वह दृश्य देखे, जिन्हें अब तक किसी इंसान ने नहीं देखा था। ख़ास बात यह है कि इसी दौरान अंतरिक्ष में रहते हुए इन यात्रियों ने एक पूर्ण सूर्यग्रहण भी देखा।
ओरियन स्पेसक्राफ्ट का स्प्लैशडाउन अपनी ऐतिहासिक वापसी के साथ प्रशांत महासागर में साइन डियागो के तट पर सफलतापूर्वक लैंड हो गया है। पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद कैप्सूल पैराशूट सिस्टम के द्वारा समुद्र में सुरक्षित उतरा। तुरंत ही रिकवरी टीम मौके पर पहुंची और काफी देर चले प्रोसेस के बाद अंतरिक्षयात्रियों को सुरक्षित कैप्सूल से बाहर निकाला गया। यहाँ से फिर उन्हें यूएस के नेवी के शिप पर ले जाया गया।
मिशन के इस अंतिम चरण को सबसे जोखिम भरा माना जाता है। जिस समय ओरियन पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है, उसे करीब 2760°C तक की भीषण गर्मी झेलनी पड़ती है। ऐसे में कैप्सूल का हीट शील्ड इतने अधिक तापमान पर अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
वापसी के यह सभी चाहरण बेहद नाज़ुक होते हैं। इस समय हाई-स्पीड री-एंट्री के साथ सही एंगल बनाए रखना और पैराशूट का निश्चित समय पर खुलना, ये सभी ऐसे फैक्टर हैं जो पूरी होने वाली इस प्रक्रिया को तकनीकी रूप से बेहद संवेदनशील बनाते हैं।
ामरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टेमिस‑II मिशन की सफल वापसी पर अंतरिक्ष यात्रियों को बधाई दी है। अपने सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने लिखा, ‘महान और बेहद प्रतिभाशाली आर्टेमिस‑II क्रू को हार्दिक बधाई। पूरी यात्रा शानदार रही, लैंडिंग बिल्कुल सटीक रही और अमरीका के राष्ट्रपति के रूप में, मुझे आप पर इससे ज्यादा गर्व नहीं हो सकता।’
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं। बताते चलें कि आर्टेमिस‑II ने धरती की ओर वापसी के दौरान लगभग 24,661 मील प्रति घंटा की रफ्तार से यात्रा की और फिर पैराशूट खुलने के बाद मात्र 19 मील प्रति घंटे की गति से सुरक्षित स्प्लैशडाउन किया।