उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अटेंडेंस नियमों में ढील देते हुए छात्रों को बड़ी राहत दी है। इस सुविधा से अब यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले 53 लाख स्टूडेंट्स खुद को सेफ ज़ोन में पा रहे हैं।

अब यूपी बोर्ड के सभी 53 लाख छात्र बिना किसी रुकावट के अपनी बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। ‘परीक्षा देना हर छात्र का अधिकार है’, की मान्यता के साथ यूपी बोर्ड उन छात्रों का साल बचने का प्रयास कर रहा है जो किसी भी वजह से अपनी हाज़िरी पूरी नहीं कर पाते थे। इस साल रिकॉर्ड संख्या में स्टूडेंट्स यूपी बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं. बोर्ड के इस फैसले ने छात्रों की बड़ी चिंता दूर कर दी है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कम हाजिरी की वजह से किसी भी बच्चे को परीक्षा से नहीं रोका जाएगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यह फैसला लेकर दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को बड़ी सुविधा दी है।
इस फैसले के तहत बोर्ड ने निर्देश दिया है कि किसी भी छात्र को कम हाजिरी की वजह से एडमिट कार्ड देने से नहीं रोका जाएगा। इससे उन छात्रों को राहत मिली है जो बीमारी या अन्य कारणों की वजह से स्कूल में 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं कर पाते, जिससे उन्हें परीक्षा से बाहर होने का डर रहता है।
गौरतलब है कि अभी तक इस परीक्षा के लिए 75 प्रतिशत हाज़िरी अनिवार्य थी। इस फैसले से ऐसे लाखों स्टूडेंट्स लाभान्वित होंगे जो ग्रामीण इलाकों में रहते हैं या किन्हीं कारणों से स्कूल नहीं पहुँच पाते हैं। इस बार बोर्ड ने निर्देश दिया है कि किसी भी छात्र को कम हाजिरी की वजह से एडमिट कार्ड देने से नहीं रोका जाएगा।















