श्रीनगर का ड्रंग झरना बना बर्फ, टूटा 133 साल का रिकॉर्ड

जम्मू-कश्मीर की सर्दी ने इस बार नया ही नज़ारा पेश किया है। यहाँ पारा ऐसा गिरा कि 133 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहाँ का तापमान माइनस 8.5°C तक गिर जाने से शहरवासियों और पर्यटकों में उत्साह है।

श्रीनगर का ड्रंग झरना बना बर्फ, टूटा 133 साल का रिकॉर्ड

ड्रंग झरने के बर्फ में बदल जाने से यह इलाक़ा किसी मायावी लोक जैसा सुन्दर नज़र आ रहा है। आसपास के बर्फ से ढके नज़ारे में धरती की जन्नत अपने हुस्न के शबाब पर है।

उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक गिर गया है। रविवार को अयोध्या का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रहा। वहीं सबसे अधिक तापमान बहराइच में 26.2 डिग्री रहा।

मौसम विभाग के अनुसार इस बार नए साल पर लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में 28 दिसंबर तक बारिश हो सकती है। बारिश के बाद यूपी में कंपकंपाने वाली ठंड पड़ने के आसार मिले हैं।

श्रीनगर में माइनस 8.5°C के तापमान के साथ ठंड ने पिछले 133 वर्षो का रिकॉर्ड तोड़ा है। इस मौसम ने पूरे शहर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पर्यटक सहित स्थानीय लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त तैयारियां की हैं।

शहर की सड़कों पर जमा बर्फ ने जीवन कठिन कर दिया है उस पर तापमान में गिरावट के बाद चलने वाली शीतलहर भी अपनी चपेट में लिए है।

बर्फ से ढका ड्रंग झरना आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पर्यटक इस दृश्य को देखने और कैमरे में क़ैद के उतावले नज़र आ रहे हैं।

इसके अलावा डल झील और बर्फ से ढके पहाड़ भी अपने मनोरम दृश्यों के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों इस गिरे तापमान और बढ़ी ठंड को कश्मीर के बदलते मौसम पैटर्न से जोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसे और ठंडे मौसम आ सकते हैं, जिससे कश्मीर में जीवन और कठिन हो सकता है।

यहाँ तापमान गिरने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गिरने वाली बर्फ से यातायात प्रभावित हुआ है और रस्ते खतरनाक फिसलन वाले हो गए हैं। हालाँकि ठंड ने कई समस्याएं बधाई हैं इसके बावजूद मनोरम दृश्यों ने इस जगह को मायावी सुंदरता से भर दिया है जो नज़ारा करने वालों को स्वर्ग का एहसास दिला रहा है।

तापमान में भरी गिरावट के चलते श्रीनगर में गर्म कपड़ों और कांगड़ी की मांग बढ़ गई है। कांगड़ी यहाँ कि एक पारंपरिक अंगीठी होती है जिसमे आग जलाकर गले में टांग लिया जाता है ताकि शरीर को गर्म रखा जा सके।

मौसम की तीव्रता को देखते हुए कश्मीर प्रशासन ने पर्यटकों सहित स्थानीय निवासियों को सुरक्षित यात्रा के निर्देश और एहतियात की सलाह दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *