पूरे देश में किसी भी दूरसंचार ऑपरेटर के मोबाइल या लैंड लाइन नंबर से ”14566”पर वॉयसकॉल/वीओआईपी करके एक्सेस किया जा सकता है। यह सुविधा हर समय हिन्दी, अंग्रेजी तथा राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों की क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगी।
इस सुविधा के हवाले से विभाग की ओर से अपील करते हुए कहा गया है कि प्रदेश के किसी भी जिले में यदि किसी व्यक्ति के साथ अत्याचार या उत्पीड़न की घटना होती है, तो वह बिना किसी झिझक के 14566 नंबर हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकता है।
उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की 14566 हेल्पलाइन पीड़ितों के लिए एक सशक्त माध्यम साबित हो रही है। योगी सरकार द्वारा चलाई गई इस सुविधा से शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
वैध मामलों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई। इस हेल्पलाइन के द्वारा न केवल पीड़ितों को त्वरित राहत दी जा रही है, बल्कि प्रदेश में पारदर्शी और जिम्मेदार प्रशासन की पहचान भी बन गई है।
समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि पहली अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच हेल्पलाइन पर कुल 628 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 75 शिकायतें दोबारा (duplicate) दर्ज पाई गईं, जिन्हें छंटनी के बाद हटा दिया गया।
सूबे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘न्याय सबको’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, इस हेल्पलाइन ने अत्याचार और उत्पीड़न के खिलाफ प्रभावी मोर्चा संभाला है।उत्तर प्रदेश में इसी पहल के तहत समाज कल्याण विभाग की 14566 हेल्पलाइन पीड़ितों के लिए एक सशक्त माध्यम बनी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ताजा आंकड़ों से पता चला है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 553 शिकायतें दर्ज की गईं हैं। इन शिकायतों का विभाग ने रिकॉर्ड समय में शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया है।
इस सुविधा के तहत सबसे अधिक शिकायतें सितंबर (80) और अक्टूबर (79) में दर्ज की गईं। जून-जुलाई में ये संख्या 65-65 रही। अगस्त में 57 मामले निपटाए गए। अप्रैल (45), मई (37), नवंबर (40), दिसंबर (35), जनवरी (37), फरवरी (48) और मार्च में (40) शिकायतें प्राप्त हुईं।
इस प्रक्रिया में शिकायत की एक प्रति मुख्यालय के अधिकारियों को भी भेजी जाती है, ताकि हर स्तर पर जवाबदेही तय हो सके। इसके अलावा कार्रवाई के बाद विभाग पीड़ितों से संपर्क कर यह पता लगाने की कोशिश करता है कि उन्हें वास्तविक और संतोषजनक न्याय मिला है।