अपनी दोनों बहनों लता और आशा की याद में हृदयनाथ मंगेशकर न केवल एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं, बल्कि इस परियोजना के साथ एक म्यूजियम बनाने की भी योजना है।
आशा भोसले के निधन के बाद उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर का एक ऐलान इस समय वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने कहा है कि दोनों बहनों के नाम पर एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की तैयारी है। हॉस्पिटल के अलावा हृदयनाथ मंगेशकर एक म्यूजियम बनाने की भी योजना पर भी विचार कर रहे हैं। इस बीच आशा भोसले की पोती जनाई ने भी इस जानकारी से जुड़ा एक पोस्ट साझा किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, आशा भोसले की मौत के बाद उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि इस नेक काम के लिए जमीन भी ले ली गई है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि इस हॉस्पिटल को बड़े स्तर पर बनाने का इरादा है।
मंगेशकर परिवार की संगीत विरासत को यादगार बनाने के लिए संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर ने घोषणा की है कि वे अपनी दोनों बहनों दिवंगत लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने जा रहे हैं। वहीं जनाई भोसले ने भी सोशल मीडिया पाए इस पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी है।
अनुमान लगाया जा है कि इस अस्पताल का नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखा जाएगा। मीडिया से बात करते हुए हृदयनाथ मंगेशकर ने कहा, ‘हम कोशिश कर रहे हैं कि यह एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बने। हमने इसके लिए काफी बड़ी जमीन ले ली है। बाकी सब भगवान पर छोड़ दिया है।’
हॉस्पिटल के अलावा हृदयनाथ मंगेशकर एक म्यूजियम बनाने की भी योजना पर भी विचार कर रहे हैं। इस लाइब्रेरी में मंगेशकर परिवार की समृद्ध संगीत विरासत को सहेजा जाएगा। इस म्यूजियम में लोग इंटरैक्टिव तरीके से संगीत सीख भी सकेंगे।