राज्य सरकार को हर वित्त वर्ष में दो बार मजदूरी की न्यूनतम दर घोषित करनी होती है। यह घोषणा न्यूनतम मजदूरी कानून 1948 के प्रावधानों के अनुरूप की जाती है। नई न्यूनतम मजदूरी दर पहली अप्रैल से लागू होती है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में होने वाले श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के बाद सभी कैटेगरी के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है। ये संशोधित दरें पहली अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी।
मजदूरी की न्यूनतम दर देश के न्यूनतम मजदूरी कानून 1948 के प्रावधानों के अनुरूप तय होती है। राज्य सरकार को हर वित्त वर्ष में दो बार मजदूरी की न्यूनतम दर घोषित करनी होती है। साल में पहली मजदूरी दर एक अप्रैल से जबकि दूसरी उसी वर्ष एक अक्टूबर से लागू होती है। बताते चलें कि विभिन्न राज्यों में न्यूनतम मजदूरी दर एक अप्रैल 2026 से लागू है।
एक अप्रैल 2026 से लागू दर के तहत अकुशल मजदूरों को हर महीने कम से कम 19,846 रुपए या दैनिक 763 रुपये का भुगतान करना हेाग। अर्द्ध-कुशल मजदूरों को हर महीने 21,813 रुपये या 839 रुपये रोजाना का भुगतान करना होगा। कुशल मजदूरों के लिए यह राशि 23,905 रुपये या 919 रुपए दैनिक वेतन होगा।
नॉन मैट्रिक क्लेरिकल या सुपरवाइजरी स्टाफ को प्रत्येक माह 21,813 रुपए या 839 रुपए रोज का भुगतान करना होगा। जो ग्रेजुएट या इससे ज्यादा पढ़े-लिखे होंगे, वैसे क्लेरिकल या सुपरवाइजरी स्टाफ का मासिक वेतन 25,876 रुपए या 995 रुपए रोज का होगा।
मजदूरी दर तालिका
| श्रमिक की श्रेणी | मजदूरी की दर |
| अकुशल मजदूर | 19,846 रुपये मासिक या दैनिक 763 रुपये |
| अर्द्ध-कुशल मजदूर | 21,813 रुपये महीना या 839 रुपये रोजाना |
| कुशल मजदूर | 23,905 रुपये महीना या 919 रुपये दैनिक |
| नॉन मैट्रिक क्लेरिकल या सुपरवाइजरी स्टाफ | महीने का 21,813 रुपये या 839 रुपये रोज |
| ग्रेजुएट या इससे ज्यादा पढ़े लिखे | 25,876 रुपये या 995 रुपये रोज |
