वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोनावायरस के मरीज़ों की रक्त वाहिकाओं में समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण पाए गए हैं। इस संबंध में, एक अध्ययन में कहा गया है कि कोरोनावायरस संक्रमण महिलाओं की रक्त वाहिकाओं को समय से पहले बूढ़ा कर देता है, जिससे उनमें हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।

यूरोपियन हार्ट जर्नल में 17 अगस्त को प्रकाशित इस अध्ययन के परिणामों के अनुसार, कोरोनावायरस से संक्रमित महिलाओं की रक्त वाहिकाओं में पाँच साल की अतिरिक्त उम्र देखी गई, भले ही उनमें कोविड-19 के हल्के लक्षण हों।
यह अध्ययन CARTESIAN नाम के इंटरनेशनल रिसर्च प्रोजेक्ट पर आधारित है। इसमें 2390 लोगों को शामिल किया गया, जिनमें 391 कोविड नेगेटिव कंट्रोल ग्रुप थे और बाकी कोविड पॉजिटिव। इन्हें तीन ग्रुप में बांटा गया-वे जिन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं करना पड़ा था (828), जो अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती हुए थे (729) और आईसीयू में भर्ती होने वाले (146)।
परिणामों से यह भी पता चला कि जो महिलाएं कोरोनावायरस से गंभीर रूप से प्रभावित हुईं और गहन चिकित्सा इकाइयों में भर्ती हुईं, उनकी रक्त वाहिकाएँ सामान्य से 10 साल पहले बूढ़ी होने लगीं।
जानकारों का मानना कि इससे धमनियों की समय से पहले उम्र बढ़ने की समस्या हो सकती है, यानी आपकी रक्त वाहिकाएँ आपकी वास्तविक उम्र से ज़्यादा बूढ़ी हो जाती हैं, जिससे आपको हृदय रोग का ख़तरा बहुत ज़्यादा हो जाता है।
डॉ रोज़ा मारिया ब्रूनो ने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है, तो हमें दिल के दौरे और स्ट्रोक को रोकने के लिए शुरुआती चरण में ही जोखिम वाले लोगों की पहचान करनी होगी। उन्होंने कहा कि पुरुषों को भी ख़तरा है, लेकिन उन पर इसका असर उतना गंभीर नहीं होता।
