फीचर फिल्म ‘कोक कोक कूककूक’ बुसान फिल्म फेस्टिवल के लिए चुनी गई है। असम के एक निर्देशक महर्षि तुहिन कश्यप की इस डेब्यू फिल्म के जरिए प्रवासी लोगों की कहानी बयान की गई है। यह एक मैजिक रियलिज्म हॉरर ड्रामा फिल्म है।

‘कोक कोक कूककूक’ फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर बुसान में होगा जो कि देश सहित असमिया सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि है। फिल्म ‘विजन एशिया’ सेक्शन के तहत सेलेक्ट हुई है। ‘कोक कोक कूककूक’ फिल्म असमिया डायरेक्टर महर्षि तुहिन कश्यप की पहली फीचर फिल्म है जिसका सेलेक्शन दक्षिण कोरिया में होने वाले 30वें बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए किया गया है।
बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 17 से 26 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। फिल्म ‘कोक कोक कूककूक’ कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) द्वारा प्रोड्यूस की गई है।
इस फीचर फिल्म के माध्यम से उन प्रवासी लोगों की जिंदगी की कहानी सामने लाइ गई है जो एक शहर में रहकर अपनी पहचान की तलाश कर रहे हैं। फिल्म की कहानी का बैकड्रॉप असम के गुवाहाटी शहर में है।
शॉर्ट फिल्मों के लिए अपनी पहचान बनाने वाले डायरेक्टर महर्षि तुहिन कश्यप अपनी पहली फीचर फिल्म ‘कोक कोक कूककूक’ में एक बिल्कुल ही अलग कहानी ले कर आए हैं। इस कहानी को वह अपने दिल के बेहद करीब मानते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, निर्देशक महर्षि तुहिन कश्यप का कहना है कि यह फिल्म असम के लोगों को डेडिकेटेड है। उनके अनुसार, यह शहर कभी हर तरह की विविधता को अपनाता था लेकिन अब समय और सोच दोनों बदल रही है।
महर्षि तुहिन कश्यप की यह फिल्म कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर हो चुकी है और इसे कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं। इस फिल्म को उन्होंने बतौर डायरेक्टर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में पढ़ाई के दौरान अपने आखिरी प्रोजेक्ट के तौर पर बनाया था। इसमें उन्हें फिल्म निर्देशक डॉमिनिक संगमा से मार्गनिर्देशन मिला।
