कड़ी सुरक्षा के बीच बंगाल में पहले दौर का मतदान आज

बंगाल में पहले दौर में 152 सीटों पर मतदान होना है जिसमें करीब 3.60 करोड़ वोटर मतदान करेंगे। पश्चिम बंगाल चुनाव को एक बेहद अहम मुकाबले की तरह देखा जा रहा है। इस चरण में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के अभूतपूर्व इंतजाम नजर आए हैं। सभी राज्यों की मतों की गिनती चार मई को होगी।

इस बार के चुनाव प्रचार में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने अपने जन-कल्याणकारी कार्यों को सामने रखा है वहीँ भाजपा ने सत्ताधारी पार्टी पर भ्रष्टाचार, हिंसा और घुसपैठ के मुद्दों को लेकर प्रचार किया है।

पहले चरण के लिए आज 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा। इनमें उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन व जंगलमहल अंचल के 5 जिले शामिल हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। हालांकि, कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से समय थोड़ा बदला जा सकता है (जैसे शाम 5 बजे तक), लेकिन सामान्य तौर पर 7 बजे से मतदान शुरू होता है।

पश्चिम बंगाल में मुख्य लड़ाई अब विधानसभा सीटों के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग नैरेटिव को लेकर है। यहाँ का वोटर तय करेगा कि वे ममता बनर्जी के लोक-कल्याण मॉडल के साथ हैं या फिर बीजेपी के साथ उस बदलाव को लाना चाहते हैं, जिसे प्रशासनिक सुधार, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), घुसपैठ-विरोधी ऐलान और रोज़गार सृजन के नाम पर पेश किया गया है।

पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार 21 अप्रैल को समाप्त होगया मगर मतदान से पहले का माहौल तनावपूर्ण होने के साथ राजनीतिक रूप से गरमाया हुआ नज़र आया।

तृणमूल कांग्रेस ने इस चुनाव के लिए अपने कल्याणकारी मॉडल की बात की है। ममता बनर्जी का दावा है कि बीजेपी बंगाल में नहीं जीत सकती। उनके मुताबिक़, ‘तृणमूल कांग्रेस फिर से सरकार बनाएगी। हम 2026 में ही बीजेपी को दिल्ली से भी बाहर निकाल देंगे।’

ममता बनर्जी ने नरेंद्र मोदी के इस दावे पर भी पलटवार किया कि वे खुद ही सभी 294 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार हैं, और कहा, ‘ऐसा होने के लिए आपको सबसे पहले प्रधानमंत्री का पद छोड़ना होगा।’

इस चुनाव के लिए भाजपा ने इस महीने की शुरुआत में ही घोषणापत्र जारी किया था। इसमें महिलाओं के लिए हर महीने 3,000/- की आर्थिक मदद, छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने, राज्य कर्मचारियों के लिए बकाया डीएं, 7वें वेतन आयोग के लाभ, आयुष्मान भारत योजना को लागू करने और राजनीतिक हिंसा की जांच कराने का वादा किया गया है।

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी के वादों को अश्वसनीय बताया है और कहा कि बीजेपी का इतिहास ‘झूठे वादों’ वाला रहा है। साथ ही उन्होंने मतदाताओं को 15 लाख रुपये और हर साल दो करोड़ नौकरियां के वादे की यद् दिलाई है।

इस बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए देशभर से प्रवासी लोगों का गृह राज्य लौटने का सिलसिला जारी रहा। पश्चिम बंगाल जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की खासी भीड़ देखी गई।

पहले चरण के लिए 152 निर्वाचन तीन करोड़ 60 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान 44,376 बूथों पर हो रहा है। इनमें लगभग 3,000 सहायक बूथ भी शामिल हैं। 5,444 बूथों का प्रबंधन महिलाएं करेंगी और 207 मॉडल बूथ भी बनाए गए हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मतदान का दूसरा चरण अगले बुधवार को होगा।

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