संसद की सुरक्षा में चूक के चलते सात कर्मचारियों को निलंबित किया गया

संसद में सुरक्षा घेरा तोड़ने की घटना के बाद सुरक्षा में चूक के चलते सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। कल होने वाली सुरक्षा उल्लंघन की इस घटना के बाद संसद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

संसद की सुरक्षा में चूक के चलते सात कर्मचारियों को निलंबित किया गया

संसद भवन में प्रवेश के लिए अब केवल मकर द्वार से सांसदों को जाने की अनुमति होगी। भवन में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों के जूते उतरवाकर उनकी गहन जांच की जा रही है।

हिरासत में लिए गए चार लोगों में से एक सागर शर्मा (27) ई-रिक्शा चालक है और इसके पिता शंकरलाल शर्मा बढ़ई हैं। सागर लखनऊ के आलमबाग का रहने वाला है। सुरक्षा एजेंसियां उसके आधार कार्ड के माध्यम से उसके आवास पर पहुंची और उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही हैं।

दूसरा आरोपी विक्की शर्मा गुरुग्राम से है। उसके घर पर भी पुलिस ने दबिश दी जहाँ पड़ोसियों ने बताया कि पुलिस अपने साथ विक्की की पत्नी को ले गई है। आरोपी विक्की शर्मा के पास कोई स्थाई नौकरी नहीं थी। वह कभी ड्राइवर और कभी चौकीदारी का काम करता था। पुलिस विक्की और उसकी पत्नी को अपने साथ ले गई है।

एक अन्य आरोपी 25 वर्षीय शिंदे, लातूर के जरी गांव का रहने वाला है, स्थानीय पुलिस उसके घर पहुंची और उसके माता-पिता से पूछताछ की और तलाशी ली।

संसद परिसर में प्रदर्शन करने वाली महिला आरोपी की पहचान नीलम (42) के रूप में हुई है। नीलम इस दौरान ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘भारत माता की जय’, ‘जय भीम’ और ‘जय भारत’ के नारे लगा रही थीं।

जानकारी के मुताबिक़ संसद में हंगामा करने की साजिश में कुल छह लोग शामिल थे। इनमे से चार लोगों को पकड़ लिया गया, जबकि बाकी दो की तलाश की जा रही है।

कल होने वाली इस घटना का दृश्य सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया जिससे लाखों लोगों ने संसद में प्रवेश करने वाले अजनबियों का लाइव टीवी कवरेज देखा।

पुलिस ने असेंबली हॉल के अंदर ही दो लोगों को हिरासत में लिया, जबकि एक महिला समेत दो अन्य को संसद के बाहर गिरफ्तार किया गया। 

ये घटना उस समय घटी जब संसद भवन पर 13 दिसंबर, 2001 को हुए आतंकी हमले की 22 वीं बरसी थी। संसद सदस्य इस भयावह हमले के दौरान शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को याद कर रहे थे।

दोपहर में बैठक दोबारा शुरू होने परअध्यक्ष ओम बिरला ने एक संक्षिप्त रोल कॉल में कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं और दिल्ली पुलिस को जांच पूरी करने और संसद में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।

पुलिस का कहना है कि असेंबली हॉल के अंदर के दो हमलावरों को सांसदों और कर्मचारियों ने पकड़ लिया, जबकि बाहर के दो हमलावरों को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिनकी पहचान और घटना के मकसद की जांच की जा रही है।

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