संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान की मौत के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया

पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च दो दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। खनौरी सीमा पर झड़प में एक प्रदर्शनकारी किसान की मौत और तीन के गंभीर रूप से घायल होने के बाद ये फैसला लिया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान की मौत के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मृतक शुभकरण सिंह बठिंडा ज़िले के बालोन गांव के रहने वाले थे। शुभकरण अपने परिवार में कमाने वाले अकेले व्यक्ति थे और अपने चाचा के साथ खेती-किसानी करते थे।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने शुभकरण सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया और आरोप लगाया कि “सरकार वर्तमान संकट और हताहतों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है”।

किसान संगठन की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार- “पुलिस की दमनकारी कार्रवाई में लगभग पंद्रह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह किसान परिवारों के लिए रोजी-रोटी अर्जित करने वालों पर उस वक्त किया गया क्रूर हमला है, जब वे प्रधानमंत्री के लिखित वादों का कार्यान्वयन न किये जाने का विरोध कर रहे थे।’’

आगे संगठन ने अपनी रिपोर्ट में कहा – ‘‘प्रधानमंत्री और कार्यपालिका नौ दिसम्बर को एसकेएम के साथ हस्ताक्षरित समझौते को लागू करने में विफल रहे हैं और मौजूदा संकट एवं हताहतों के लिए ये पूरी तरह जिम्मेदार हैं।’’

हालात पर चर्चा करने के लिए किसान संगठन ने 22 फरवरी को अपनी राष्ट्रीय समन्वय समिति और आम सभा की बैठक बुलाई। गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने नौ दिसंबर, 2021 को तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के पिछले विरोध का नेतृत्व किया था और सरकार से आधिकारिक प्रस्ताव मिलने के बाद इसने आंदोलन समाप्त कर दिया था।

पुलिस ने दिल्ली की उत्तरी और पश्चिमी सीमा पर किसानों को रोकने के लिए एक नई रणनीति तैयार की है। सिंघु बॉर्डर पर एक लॉन्ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस (LRAD) लगाई गई है, वाटर कैनन की तरह इसे साउंड कैनन के रूप में जाना जाता है। इस डिवाइस निकली आवाज़ इतनी तेज होती है कि उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। यह आवाज़ 152 डेसिबल का शोर पैदा करती है।

वहीँ हरियाणा के अंबाला में शंभू बॉर्डर पर बैरिकेड तोड़ने के लिए संघर्ष कर रहे प्रदर्शनकारी यदि दिल्ली पहुंचने में कामयाब हो जाते हैं, तो यहाँ की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सड़क के किनारे बड़ी-बड़ी खाइयां खोदी गई हैं।

कल के हादसे पर हरियाणा पुलिस का कहना है कि इस घटना में 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हरियाणा पुलिस का कहना है कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों ने लाठी-डंडे प्रयोग किए।

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