आने वाले दिन त्योहारों के दिन हैं। ऐसे में दिवाली से छठ पूजा के दौरान होने वाली यात्राओं को आसान बनाने का प्रयास रेलवे ने किया है। इसके लिए रेलवे ने कई लाख अतिरिक्त सीटें जोड़ने का फैसला लिया हैं, जिससे यात्रियों को सफर की कठिनाई से बचाया जा सके। त्योहारों पर घर जाने वालों के लिए रेलवे ने खास तोहफा दिया है। किसी भी यात्री को अब टिकट बुक करते समय ‘रिग्रेट’ स्टेटस नहीं दिखेगा।

दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों को टिकट न मिलने की समस्या से बचाने के लिए इस बार रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देने का इरादा किया है। त्योहारों के सीज़न में ट्रेनों में यात्रियों की भरी संख्या को देखते हुए रेलवे का प्रयास है कि बुकिंग के समय बंद बुकिंग या ‘रिग्रेट’ स्टेटस का सामना नहीं करना पड़े।
इस बार रेलवे ने उन ट्रेनों में कोच जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जहां मांग सबसे ज्यादा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ये पायलट प्रोजेक्ट सफल साबित हो रहा है और इससे यात्रियों को काफी राहत मिल रही है।
रिपोर्ट से पता चला है कि अब तक तीन हज़ार अतिरिक्त कोच जोड़े जा चुके हैं और आवश्यकता पड़ने पर इस संख्या को और बढ़ाया जाएगा। इस सुविधा से उत्तर प्रदेश सहित पूर्वांचल, बिहार और झारखंड जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी। साथ ही कई अन्य स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है, जिनका शेड्यूल धीरे-धीरे जारी किया जा रहा है।
गौरतलब है कि रेलवे का एक और बड़ा बदलाव जनवरी 2026 से लागू होने जा रहा है। इस बदलाव के तहत यदि किसी यात्री का कन्फर्म टिकट किसी वजह से काम न आ पाए, तो वो बिना टिकट कैंसिल किए यात्रा की तारीख बदल सकेगा।
इसके लिए मुसाफिर को आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर ‘रीबुकिंग ऑप्शन’ मिलेगा, जहां वो उसी ट्रेन में नई तारीख चुन सकेंगे। अगर उस दिन सीटें उपलब्ध हैं, तो नया टिकट कन्फर्म हो जाएगा। हालांकि, कन्फर्म सीट की गारंटी सीट अवेलेबिलिटी पर निर्भर करेगी और अगर किराए में फर्क है तो उतनी राशि देनी होगी।
याद दिलाते चलें कि पहली अक्टूबर से रेलवे ने जनरल रिजर्वेशन टिकट बुकिंग में भी ई-आधार वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया है। ये नियम टिकट खुलने के पहले 15 मिनट के भीतर लागू रहेगा। दरअसल इसका मकसद है एजेंट्स द्वारा टिकटों की कालाबजारी और फर्जी आईडी से की जाने वाली बुकिंग पर रोक लगाना है।
