रिफॉर्म्‍स के वादे पूरे करने में रफ्तार कम, 7.5% भारतीय ग्रोथ रेट पर अमेरिका को शक

वाशिंगटन। अमरीका ने आशंका जतायी है कि भारत की 7.5 % वृद्धि दर को बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई हो सकती है। साथ ही कहा कि मोदी सरकार आर्थिक सुधार के संबंध में अपने वादों को पूरा करने की दिशा में धीमी रही है। साथ ही नौकरशाही और एफ.डी.आई. की रोक कम करने पर मोदी सरकार की प्रशंसा की गयी है।

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विभिन्न किस्म के आर्थिक सुधार और विशेष तौर पर नौकरशाही के फैसलों को व्यवस्थित करने और कुछ क्षेत्रों में एफ.डी.आई. सीमा बढ़ाने की प्रशंसा करते हुए अमरीकी विदेश मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में कहा कि प्रस्तावित आर्थिक सुधार के संबंध में मोदी सरकार की प्रगति धीमी रही है जो उसके वादे के अनुरूप हो।

 

रिपोर्ट में कहा गया कि कई प्रस्तावित सुधारों को संसद में पारित होने के लिए संघर्ष करना पड़ा। इसमें कहा गया कि इसके कारण भाजपा नीत सरकार के समर्थन में आगे आए कई निवेशक पीछे हट रहे हैं। सरकार संसद में भूमि अधिग्रहण विधेयक पर पर्याप्त समर्थन हासिल करने में नाकाम रही और वस्तु एवं सेवा कर के ब्यौरों के संबंध में विपक्षी दलों के साथ अभी भी विचार-विमर्श कर रही है। यदि इसे कमजोर न बना दिया गया तो यह भारत के पेचीदे कर ढांचे का व्यवस्थित कर सकता है और सकल घरेलू उत्पाद को तुरंत प्रोत्साहन प्रदान कर सकता है।

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