भारत और पाकिस्तान के बीच सूची के आदान-प्रदान के बाद जल्द होगी कैदियों की घर वापसी

विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी से पता चला है कि भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे की हिरासत में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया है।

भारत और पाकिस्तान के बीच सूची के आदान-प्रदान के बाद जल्द होगी कैदियों की घर वापसी

बताते चलें कि साल 2008 में कांसुलर एक्सेस पर द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों के तहत, ऐसी सूचियों का आदान-प्रदान हर साल पहली जनवरी और पहली जुलाई को किया जाता है।

भारत ने राजनयिक चैनलों के माध्यम से एक-दूसरे की हिरासत में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों वाली अपनी सूची के 382 कैदियों और 81 मछुआरों के नाम साझा किए हैं। सूची में दर्ज ये वो नाम हैं जो पाकिस्तानी माने जाते हैं। ठीक इसी तरह से पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में बंद 53 कैदियों और 193 मछुआरों के नाम साझा किए हैं, जिन्हे पाकिस्तान के मुताबिक, भारतीय माना जाता है।


विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, साल 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय नागरिक कैदियों को पाकिस्तान से वापस लाया जा चुका है। इसमें 2023 से अब तक पाकिस्तान से वापस लाए गए 500 भारतीय मछुआरे और 13 नागरिक कैदी शामिल हैं।


भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान की हिरासत से नागरिक कैदियों, मछुआरों और उनकी नावों सहित लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की शीघ्र रिहाई एवं घर वापसी का ऐलान किया है। साथ ही ऐसे भारतीय मछुआरे और कैदी, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है, उन्हें पाकिस्तान से रिहा कराकर स्वदेश वापसी में तेजी लाने की बात भी कही गई है।

इस प्रक्रिया के तहत पाकिस्तान द्वारा हिरासत में बंद 26 कैदियों और मछुआरों को तत्काल कांसुलर एक्सेस प्रदान करने की बात कही गई है। इनके बारे में कहा जा रहा है कि वे भारतीय हैं और इन्हें अब तक कांसुलर एक्सेस प्रदान नहीं किया गया है।

इस संबंध में भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह सभी भारतीय माने जाने वाले भारतीय नागरिक कैदियों और मछुआरों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करे, जब तक कि उनकी रिहाई और भारत को प्रत्यावर्तन नहीं हो जाता।

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