लोकसभा और राज्यसभा द्वारा जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित किया गया है। देश में व्यापार एवं जीवन सुगमता के संबंध में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस विधेयक की खास बात यह भी है कि इसे तैयार करते समय सभी पक्षों से सलाह-मशविरा किया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस विधेयक के पास होने पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बड़ा बढ़ावा। अपनी पोस्ट में वह लिखते हैं, ‘यह बेहद खुशी की बात है कि संसद ने ‘जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2026′ पारित कर दिया है। यह विधेयक एक विश्वास-आधारित ढांचे को मजबूत करता है, जो हमारे नागरिकों को सशक्त बनाता है। यह उन नियमों और कानूनों के अंत का प्रतीक है जो अब पुराने हो चुके हैं। साथ ही, यह मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करता है और अपराध-मुक्त करने (de-criminalisation) के माध्यम से मुकदमों का बोझ कम करता है।’
पुराने और अप्रासंगिक नियमों को खत्म करने की दिशा में इसे एक बड़ा कदम बताते हुए उन्होंने यह भी लिखा कि इससे मामलों के जल्दी निपटारे में मदद मिलेगी। साथ ही मुकदमों का बोझ कम करने के अलावा और कई मामलों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर खुशी जताते हुए उन सभी लोगों को बधाई दी है जिन्होंने इस विधेयक के निर्माण में अपने सुझाव दिए और संसद में इसका समर्थन किया।
यह विधेयक व्यक्तियों और व्यवसायों पर अनुपालन बोझ को कम करने के लिए छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण तथा मौजूदा कानूनी प्रावधानों को तर्कसंगत करने का प्रयास करता है।
गौरतलब है कि विधेयक छोटे अपराधों को हटाते हुए करीब एक हज़ार से अधिक अपराधों को तर्कसंगत करने का प्रयास करता है, जिससे समग्र नियामक वातावरण में सुधार होगा और व्यवसायों तथा नागरिकों के लिए अधिक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र सक्षम होगा।
बताते चलें कि विधेयक के प्रावधानों के तहत, 23 मंत्रालयों द्वारा प्रशासित 79 केंद्रीय अधिनियमों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इनमें से 717 प्रावधानों का अपराधमुक्तिकरण व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए किया गया है, जबकि 67 प्रावधानों में संशोधन जीवन सुगमता को सुगम बनाने के लिए किया गया है।