राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) छात्रों के लिए एक तीन महीने का अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया है। यह जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में कौशल को बढ़ाने के लिए व्यावहारिक, परियोजना-आधारित शिक्षा मुहैया कराता है। इस पहल का उद्देश्य क्षमता निर्माण करना और “जैव विविधता दूत” (“Biodiversity Ambassadors) तैयार करना है।
यूजी और पीजी के छात्रों के लिए एनबीए यानी राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन क्षेत्रों में अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया है। तीन महीने के इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक और परियोजना-आधारित शिक्षा से जोड़ना है। साथ ही इस कार्यक्रम की बदौलत छात्र एनबीए के कार्यक्रमों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ सकेंगे।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रोजगार के अवसरों को मजबूत करने के साथ इस कार्यक्रम का मक़सद जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्रों में युवाओं की क्षमता विकसित करना है। इसके अलावा यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को ‘जैव विविधता राजदूत’ के रूप में तैयार करने पर भी लक्षित है।
एक वर्ष का जैव विविधता संरक्षण इंटर्नशिप कार्यक्रम के माध्यम से एनबीए नियमित रूप से बीएसआईपी का भी संचालन करता है। इस एक वर्षीय कार्यक्रम में इंटर्न एसबीबी/यूटीबीसी की बैठकों में भाग लेने के साथ कार्यक्रम आयोजित करते हैं और नियमित गतिविधियों के अलावा फील्ड स्टडी भी करते हैं। यह सभी सक्रियताएं उन्हें जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव देने में सहायक होती हैं। इसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित युवा पेशेवरों का एक मजबूत समूह तैयार करना है। यह कार्यक्रम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, एनबीए और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की साझेदारी में संचालित किया जा रहा है।
गौरतलब है कि चालू वर्ष में बीएसआईपी के छठे चक्र के तहत 24 इंटर्न का चयन भी किया गया है। विभिन्न राज्य जैव विविधता बोर्ड (एसबीबी) और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषद (यूटीबीसी) में इनकी तैनाती भी की गई है।
जानकारी के मुताबिक़, इन इंटर्नशिप कार्यक्रमों के लिए एनबीए लगभग एक करोड़ रुपए का निवेश कर रहा है, जिससे भविष्य के जैव विविधता विशेषज्ञों और राजदूतों का सशक्त समूह तैयार किया जा सके।
बीएसआईपी यानी जैव विविधता संरक्षण कार्यक्रम का पहला चक्र 2019-20 में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (22 मई 2020) पर शुरू किया गया था। बताते चलें कि इस बीच चयनित इंटर्न को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैनाती मिली थी।