बाफ्टा 2026 के अवॉर्ड्स की नॉमिनेशन लिस्ट सामने आ गई है। इस लिस्ट में लियोनार्डो डिकैप्रियो की ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने वाहवाही लूटी है जबकि भारत की मणिपुरी फिल्म को भी इसमें जगह मिली है।

ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स (BAFTA) ने इस साल के नॉमिनेशन की घोषणा कर दी है। इन नामांकनों में माइकल बी जॉर्डन की फिल्म ‘सिनर्स’ और लियोनार्डो डिकैप्रियो की ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ को सबसे अधिक नामांकन मिले हैं।
इस बार के बाफ्टा में भारत की मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ को सर्वश्रेष्ठ बाल एवं पारिवारिक फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला है। लक्ष्मीप्रिया देवी द्वारा निर्देशित इस फिल्म का सह-निर्माण फरहान अख्तर द्वारा भी किया गया है।
22 फरवरी को लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में बाफ्टा 2026 अवॉर्ड्स का आयोजन किया जाएगा। इन अवॉर्ड्स की होस्टिंग एलन कमिंग करेंगे। फिल्म और टेलीविजन के इन अवॉर्ड्स की गिनती प्रमुख अवॉर्ड्स समारोहों में होती है।
इस बार सबसे ज्यादा 14 नॉमिनेशन लियोनार्डो डिकैप्रियो की ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ को मिले हैं। सूची में टिमोथी चालमेट की ‘मार्टी सुप्रीम’ दूसरे स्थान पर रही है। बाफ्टा की नॉमिनेशन की लिस्ट में भारत की मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ को भी सर्वश्रेष्ठ बाल एवं पारिवारिक फिल्म श्रेणी में नामांकन मिला है।
मंगलवार को बाफ्टा के नॉमिनेशन में लियोनार्डो डिकैप्रियो की ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ को 14 मिलने वाले नॉमिनेशन, ‘गांधी’ के रिकॉर्ड 16 नॉमिनेशन) से सिर्फ दो अंक कम हैं। वहीँ ‘ऑल क्वाइट ऑन द वेस्टर्न फ्रंट’, ‘एटोनमेंट’, ‘द किंग्स स्पीच’ और ‘क्राउचिंग टाइगर, हिडन ड्रैगन’ के बराबर हैं।
रायन कूगलर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘सिनर्स’ ने 13 नामांकन मिले हैं। निर्देशक और अभिनेता माइकल बी जॉर्डन को पहली बार बाफ्टा में नामांकित होने का मौका मिला है। वहीं ‘हैमनेट’ और ‘मार्टी सुप्रीम’ दोनों को 11-11 नामांकन मिले। खास बात यह है कि टिमोथी चालमेट लगातार दूसरे साल बाफ्टा के बेस्ट एक्टर की रेस में शामिल हो गए हैं।
फिल्म ‘हैमनेट’ के साथ डायरेक्टर क्लोई झाओ कीअब तक किसी महिला निर्देशक द्वारा सबसे अधिक बाफ्टा नामांकन प्राप्त करने वाली फिल्म बन गई है। स्टेलन स्कार्सगार्ड को 74 साल की उम्र में ‘सेंटिमेंटल वैल्यू’ के लिए अपना पहला बाफ्टा नामांकन मिला है।
अमरीकन डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द परफेक्ट नेबर’ को भी डॉक्यूमेंट्री में सेक्शन में नॉमिनेशन मिला है। इस फिल्म की निर्देशक गीता गंडभीर का भारत से भी संबंध है। बोस्टन में पली गीता के पिता साल 1960 में पढ़ाई के लिए अमरीका गए थे और वहीँ बस गए।















