इस मोहब्बत को कोई भी सरहद और सियासत जुदा न कर सकी

वॉशिंगटन: 1947 में भारत-पाकिस्तान सीमा के बंटवारे के दौरान कई दर्दनाक यादें इतिहास का हिस्सा हैं, लेकिन इन घटनाओं से जुड़ी तमाम कहानियां आज भी लोगों के दिल और जुबान पर हैं। पिछले दिनों अमरीका में बचपन के दो बिछड़े दोस्तों के मिलन ने एक ऐसे ही खुशनुमा किस्से को जन्म दिया है।

इस मोहब्बत को कोई भी सरहद और सियासत जुदा न कर सकी

बचपन के ये बेहतरीन दोस्त उस वक़्त जुदा हो गए थे जब भारत पाकिस्तान का विभाजन हुआ था।


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 32 वर्षीय मेगन कोठारी ने अपने दादा सुरेश कोठारी को अपने बचपन के सबसे अच्छे दोस्त एजी शाकिर से मिलने के क्षणों का डॉक्युमेंटेशन किया। यह यादगार बैठक अक्टूबर 2023 में अमरीका में हुई थी।

इस दोस्ती के हवाले से मेघन कोठरी ने वीडियो के कैप्शन में काफी कुछ लिखा है जिसमे ये ज़िक्र भी है कि उन्हें अलग करने वाली भौगोलिक और सियासी बाधाओं के बावजूद वह प्यार और सम्मान कहीं गहरा है। यह इंसानी रिश्तों की ताकत का एक शक्तिशाली अनुस्मारक है और कोई भी सरकार या सरहद इसे ख़त्म नहीं कर सकती।

इस मोहब्बत को कोई भी सरहद और सियासत जुदा  न कर सकी

दोनों गुजरात के दीसा में एक साथ बड़े हुए और 1947 में जब वे लगभग 12 वर्ष के थे, तब एक दूसरे से बिछड़ गए। मेगन कोठारी ने ब्राउन हिस्ट्री द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो के बारे में लिखा- “जब मेरे दादाजी के दोस्त 1947 में पाकिस्तान पहुंचे, तो उन्होंने मेरे दादाजी को लिखा कि वह रावलपिंडी पहुंच गए हैं और अपना पता साझा किया।”

उन्होंने कई वर्षों तक एक-दूसरे को लिखने की कोशिश की। लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव ने अंततः इसे असंभव बना दिया। दोनों के बीच 1947 से 1981 तक कोई संपर्क नहीं था, लेकिन वे पहली बार 1982 में एक पारस्परिक मित्र के माध्यम से न्यूयॉर्क में मिले थे।

मेगन ने आगे साझा किया कि अक्टूबर 2023 में वे 41 साल बाद दोबारा मिले। मेगन कोठारी द्वारा साझा किए गए वीडियो में, दोनों दोस्त गर्मजोशी से गले मिलते और खुशी के पल का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।

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