जम्मू में दो आतंकी घटनाएं : सेना के सात जवान शहीद, छह आतंकवादी ढेर

जम्मू। जम्मू क्षेत्र में आज दो बडी आतंकी घटनाओं में एक मेजर सहित सेना के सात जवान शहीद हुए, जबकि बीएसएफ के उपमहानिरीक्षक सहित आठ सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इस दौरान अलग-अलग मुठभेडों में सुरक्षा बलों ने भारी हथियारों से लैस छह आतंकवादियों को मार गिराया।पहली घटना में भारी हथियारों से लैस पुलिस की वर्दी पहने आतंकवादियों के एक समूह ने नगरोटा में सैन्य शिविर पर हमला कर दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों के साथ शुरु हुई भीषण मुठभेड घंटों जारी रही। nagrota

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नगरोटा सैन्य शिविर जम्मू शहर के बाहरी हिस्से में स्थित कोर के मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर है। सेना के प्रवक्ता ने कहा, मुठभेड में तीन आतंकवादियों को मार गिराए जाने से पहले दो अधिकारियों सहित सात सैनिक हमले में शहीद हो गए। यहां बंधकों जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी थी, लेकिन सेना ने वहां फंसे सभी 12 सैनिकों, दो महिलाओं और दो बच्चों को सुरक्षित मुक्त करा लिया। nagrota

वहां साम्बा के पास रामगढ में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास घंटों चली मुठभेड में बीएसएफ ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया। मुठभेड के बाद इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सेनाओं ने जबरदस्त गोलीबारी भी की। इस घटना में बीएसएफ के उपमहानिरीक्षक सहित चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। जम्मू में दोनों आतंकी हमले ऐसे दिन हुए हैं जब पडोसी देश पाकिस्तान में वहां के नवनियुक्त सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कमान संभाली है। नगरोटा हमले की जानकारी देते हुए सेना के प्रवक्ता ने कहा कि आज तडके भारी हथियारों से लैस और पुलिस की वर्दी पहने आतंकवादियों ने कोर के मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित सेना की ईकाई को निशाना बनाया। मुठभेड में तीन आतंकवादी मारे गए।

हमले में शहीद हुए सैनिकों में एक मेजर भी शामिल हैं। सेना की 166 तोपखाना ईकाई पर हुए हमले के मद्देनजर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। रास्ता देर शाम फिर से खोल दिया गया।यह ईकाई सेना की 16वीं कोर से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित थी। 16वीं कोर ही जम्मू क्षेत्र में सेना के सभी अभियानों की जिम्मेदारी संभालती है।

सीमा सुरक्षा बल ने एक बयान में कहा, ‘‘यह समझ आने पर कि वे घिर गए हैं, उग्रवादियों ने बीएसएफ की टुकडी पर स्वचालित हथियारों से गोलीबारी और ग्रेनेड फेंकना शुस् कर दिया।’ बयान के मुताबिक, ‘‘आगे बढने में अक्षम उग्रवादी पास ही में ट्यूब-वेल के लिए बनी झोपडी में घुस गए। कवर का इस्तेमाल करते हुए उजाला होने तक गोलीबारी करते रहे। क्षेत्र की कडी निगरानी की जा रही थी और वहां तैनात टुकडी भी सुबह होने का इंतजार कर रही थी।’ सुबह होने पर बीएसएफ की टुकडी ने ‘‘पूरी तत्परता से गोलीबारी को आगे बढाया और जल्दी ही आतंकवादियों को मार गिराया।’ घटनाक्रम में एक कांस्टेबल श्यामलाल अहिरवार की कलाई में गोली लगी।

बयान में कहा गया है कि पूरी सुबह पाकिस्तान उग्रवादियों को कवर देने के लिए गोलीबारी करता रहा।इसमें कहा गया है।। इस घटनाक्रम में बीएसएफ के जम्मू के उपमहानिरीक्षक बीएस कसाना, इंडिया रिजर्व बटालियन के इंस्पेक्टर सरबजीत सिंह और बीएसएफ के कांस्टेबल वैभव घायल हुए हैं।बयान में कहा गया है कि सभी घायलों को तुरंत सैन्य अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत स्थिर बतायी जा रही है।मारे गए आतंकवादियों के पास से 18 मैगजीन, 25 ग्रेनेड, तीन आईईडी बेल्ट, पांच चेन आईईडी :रेलवे ट्रैक उडाने वाले: और एक वायरलेस सेट मिला है। nagrota

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