उत्तर भारत सहित पूरे देश में इन दिनों पड़ने वाली गर्मी ने भी को विचलित कर दिया है। इस गर्मी से छुटकारे के लिए मानसून की चाहत हर किसी का इन्तिज़ार बनी हुई है और ऐसे में मौसम विभाग की तरफ से बड़ी ही राहत भरी खबर आई है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी में कहा गया है कि इस साल मानसून समय से पहले आ सकता है। इसका सबसे बड़ा असर दक्षिण के राज्यों में देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक़, अगर समुद्र और वातावरण की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता तो मानसून 25 मई के आसपास भारत में दस्तक दे सकता है।
देश के अधिकतर हिस्सों में अप्रैल के महीने में पड़ने वाली तेज गर्मी की वजह से लोगों को सख्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर भारत सहित मध्य और पूर्वी के कई हिस्सों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने के संकेत दिए हैं।
वहीँ विभाग ने इस बीच एक राहत भरी खबर भी दी है। मौसम से जुड़े नए अनुमान बता रहे हैं कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से पहले आ सकता है। विभक्त का कहना है कि दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मई के आखिर तक अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि पिछले साल यानी 2025 में भी अनुमान था कि केरल में मानसून 27 से 29 मई के बीच पहुंचेगा, हालाँकि वह उससे पहले ही आगे बढ़ गया था। इस बार भी यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) का कहना है कि मानसून की शुरुआत जल्दी होने के संकेत मिल रहे हैं।
भारत में मानसून की आमद अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से होती है। जानकारों के मुताबिक़, इस बार अनुमान है कि 18 से 25 मई के बीच यहां मानसून की शुरुआत हो सकती है। मौसम संबंधी मॉडल की स्थिति से संकेत मिल रहे हैं कि हिंद महासागर से आने वाली नमी भरी हवाएं तेज हो रही हैं। ये बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर बन रही हैं। इन हवाओं की बदौलत उस समय इन इलाकों में सामान्य से 30 से 60 मिलीमीटर ज्यादा बारिश होने की उम्मीद भी विभाग ने जताई है।
हालांकि अभी देश के कई हिस्सों में गर्मी से राहत नहीं मिली है, लेकिन अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। दरअसल ऐसे सिस्टम आम तौर पर मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, क्योंकि वे ज्यादा नमी सोखकर बारिश की प्रक्रिया को तेज करते हैं। इस बीच अंडमान के उत्तर में एक ट्रॉपिकल सिस्टम बनने की 20 से 40 प्रतिशत संभावना भी जताई गई है।
जानकारों का कहना है कि 25 मई से पहली जून के बीच मानसून के और आगे बढ़ने का अनुमान है। इस दौरान दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर तेज पश्चिमी हवाएं चल सकती हैं, जो नमी को सीधे भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट की ओर ले जाएंगी। साथ ही यह केरल और तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश भी ला सकती हैं।
अभी तक मिलने वाले संकेत यही बताते हैं कि इस साल मानसून सामान्य से पहले आ सकता है। दरअसल इस साल की शुरुआत में पड़ी तेज गर्मी का भी असर मानसून पर पड़ सकता है। गर्मी ज़्यादा होने की वजह से समुद्र से आने वाली हवाएं पहले सक्रिय हो सकती हैं, जिससे मानसून जल्दी आने की संभावना बढ़ जाती है।