भारतीय सिनेमा अपने एक महान कलाकार गुरुदत्त की जन्मशती मना रहा है। इस महान फिल्म निर्माता के शताब्दी समारोह के अवसर पर पूरे भारत में अगस्त में उनकी मशहूर फिल्मों को दिखाया जाएगा।

गुरु दत्त का जन्म 9 जुलाई, 1925 को बैंगलोर में हुआ और इनका नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था। जल्द ही इनके माता-पिता भवानीपुर, कलकत्ता आ गए। दत्त ने शहर में काफी समय बिताया और अपने आसपास की संस्कृति और लोगों के चरित्र और भावनाओं को आत्मसात किया।
बतौर अभिनेता और निर्देशक गुरु दत्त ने फिल्म जगत को कई बेहतरीन क्लासिक फिल्में दीं हैं। कहानी कहने की उनकी अनूठी कला आज भी दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं और फिल्म प्रेमियों को प्रेरित करती हैं।
गुरु दत्त के शताब्दी समारोह के मौके पर 8 से 10 अगस्त तक भारत भर के 250 से अधिक सिनेमाघरों में गुरु दत्त की बेहतरीन फिल्मों को दिखाया जाएगा। इन फिल्मों में प्यासा, आर-पार, चौदहवीं का चांद, साहेब बीवी और गुलाम, कागज के फूल, मिस्टर एंड मिसेज 55 और बाज शामिल हैं।
गुरु दत्त की कला का जश्न मनाने के लिए अल्ट्रा मीडिया और एनएफडीसी-एनएफएआई के सहयोग से एक खास प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इसमें उनकी पोतियों करुणा दत्त और गौरी दत्त, फिल्म निर्माता आर बाल्की, सुधीर मिश्रा, अल्ट्रा मीडिया के सीईओ सुशील कुमार अग्रवाल, राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदुम और अभिनेत्री दिव्या दत्ता शामिल हुए।
इस अवसर पर अल्ट्रा मीडिया के सीईओ सुशील कुमार अग्रवाल ने कहा ‘लोगों को गुरु दत्त जी की फिल्में देखनी चाहिए। उन्हें इसे देखने के लिए जगह नहीं मिलती। खासकर बड़े पर्दे पर। इसीलिए यह महोत्सव आयोजित किया जाता है।’
गुरु दत्त के चाहने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे BookMyShow या Paytm Movies पर इससे जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप लखनऊ में रहते हैं, तो आप लखनऊ के प्रमुख सिनेमाघरों जैसे कि 1090 चौराहे के पास स्थित “फीनिक्स यूनेसो मॉल” में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।










