पृथ्वी गम्भीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की एक नई रिपोर्ट धरतीवासियों को इस बारे में सचेत करती है।

रिपोर्ट से पता चलता है कि अरबों लोगों के भविष्य को ख़तरे में डाल सकता है। रिपोर्ट में इस संकट से निपटने के लिए व्यापक और ठोस बदलावों की ज़रूरत बताई गई है।
‘Global Environment Outlook’ में कहा गया है कि इस संकट से निपटने के लिए मानवता को अर्थव्यवस्थाओं के संचालन, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग, कचरा प्रबन्धन, ऊर्जा उत्पादन, भोजन के उत्पादन और उपभोग, तथा पर्यावरण के प्रति अपने व्यवहार में बड़े और ठोस बदलाव करने होंगे।
गम्भीर पर्यावरणीय संकट के चलते पृथ्वी के अरबों लोगों के भविष्य को खतरा हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की एक नई रिपोर्ट चेतावनी देती है कि इस संकट से निपटने के लिए व्यापक और ठोस बदलावों की ज़रूरत है। हालाँकि प्रकृति के साथ नए रिश्ते गढ़ते देश और समुदाय इसे उम्मीद से जोड़ते हैं, इसके बावजूद व्यवहार में बड़े और ठोस बदलाव की ज़रुरत है।
हालाँकि रिपोर्ट के लेखक मानते हैं कि यह नामुमकिन काम नहीं है। करीब 300 बहु-विषयक वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक़, दुनिया भर के कई हिस्सों में समुदाय पहले ही अहम प्रणालियों को नए सिरे से गढ़ना शुरू कर चुके हैं। शुरुआती नतीजे बताते हैं कि पर्यावरण की रक्षा करते हुए नए अवसर पैदा करना सम्भव है।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के विज्ञान कार्यालय में सेवा प्रमुख मार्टेन कैपेल्ले कहते हैं, “अक्सर लोग मानते हैं कि इसके लिए पर्यावरण या अर्थव्यवस्था में से एक ही विकल्प चुनना होगा। लेकिन ऐसी अर्थव्यवस्था बनाई जा सकती है जो लोगों और धरती दोनों को लाभ पहुँचाए।
पर्यावरण संकट से निपटने के लिए हमें अपने जीवनशैली, उपभोग, ऊर्जा उपयोग और संसाधनों के प्रबंधन में बड़े और ठोस बदलाव करने होंगे, जिसमें टिकाऊ भोजन, कम प्लास्टिक, ऊर्जा बचत, और सार्वजनिक परिवहन जैसे छोटे व्यक्तिगत कार्य शामिल हैं, क्योंकि ये बदलाव अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों को लाभ पहुंचा सकते हैं और यह असंभव नहीं है।
रिपोर्ट सभी पक्षों से ग्लोबल एनवायरनमेंटल संकटों की गंभीरता को समझने, पिछले कुछ दशकों में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने और सभी के लिए बेहतर भविष्य देने के लिए इंटीग्रेटेड पॉलिसी, स्ट्रेटेजी और कामों को मिलकर डिज़ाइन और लागू करने में सहयोग करने का आग्रह करती है।












