कोई नागरिक ऑनलाइन यूजर चार्ज जमा करता है, तो उसे ऑफलाइन देने की जरूरत नहीं है। यह कहना है मेयर सुषमा खर्कवाल का। दरअसल जानकारी के अभाव में ऑनलाइन हाउस टैक्स के साथ कई लोग 1200 रुपए का यूजर चार्ज भी जमा कर देते हैं, जबकि कुछ लोग यही शुल्क ऑफलाइन पहले से ही दे रहे होते हैं। अब इस कन्फ्यूज़न को दूर करने के लिए नगर निगम ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की है।
लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने शहरवासियों से कहा कि नगर निगम की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। अगर कोई नागरिक ऑनलाइन यूजर चार्ज जमा करता है, तो उसे दोबारा ऑफलाइन भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होए यह भी कहा कि ऑनलाइन भुगतान की रसीद डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कर्मचारी को दिखाने पर दोबारा शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि हाउस टैक्स के साथ यूजर चार्ज जमा करना अनिवार्य नहीं है। यानि जो लोग ऑफलाइन यूजर चार्ज जमा करते हैं, उन्हें ऑनलाइन केवल हाउस टैक्स जमा करना होगा।
मेयर सुषमा खर्कवाल ने शहरवासियों से अपील की है कि लोग पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स और यूजर चार्ज जमा करें। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बीते वर्ष लोगों ने शानदार सहयोग दिया था और इस वर्ष भी नगर निगम को बेहतर राजस्व मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इससे शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी। ऐसा करके उन्होंने शहर के विकास में सहयोग देने की बात कही।
याद दिलाते चलें कि लखनऊ नगर निगम ने 2025-26 के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुल्क (यूजर चार्ज) को हाउस टैक्स के साथ अनिवार्य कर दिया है। अब यूजर चार्ज सीधे हाउस टैक्स रसीद में जुड़कर आएगा। ध्यान रहे कि जो 50 रुपये प्रतिमाह (600 रुपये वार्षिक) हो सकता है। निवासी नगर निगम की वेबसाइट पर 10% ऑनलाइन छूट के साथ भुगतान कर सकते हैं।
बताते चलें कि वर्ष 2025 में लखनऊवासियों द्वारा भुगतान के बाद नगर निगम के राजस्व में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। यह बढ़ोत्तरी बताती है कि शहरवासियों ने उत्साह के साथ हाउस टैक्स जमा किया था।