राज्यसभा में संख्या बल की कमी सत्तादल के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए के लिए इस बार लोकसभा और राज्यसभा में किसी भी बिल को पास कराना पहले जैसा आसान नहीं रहा है। बिल पास कराने के लिए अब सरकार को अब काफी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

राज्यसभा में संख्या बल की कमी सत्तादल के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है

23 जुलाई से संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है। जिसमें एनडीए सरकार कई बिल पेश कर सकती है। वर्तमान में मजबूत विपक्ष की मौजूदगी सत्तादल एनडीए को बजट सत्र के दौरान घेरने की पूरी कोशिश करेगी।

बताते चलें कि 1990 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि राज्यसभा में किसी भी पार्टी के पास 100 से ज्यादा सांसद हो।
ऐसे में विपक्ष सरकार को घेरने की फूल तैयारी में है।

एनडीए गठबंधन की सरकार को लोकसभा के साथ राज्यसभा में भी बिल पास कराने में परेशानी हो सकती है। दरअसल लोकसभा के साथ राज्यसभा में भी एनडीए का संख्या बल कम हो गया है।

भाजपा के चार मनोनीत सदस्य सत्र से पहले 13 जुलाई को रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में राज्यसभा में बीजेपी की संख्या 86 हो गई। रिटायर होने वाले सदस्यों में राकेश सिन्हा, राम शकल, सोनल मानसिंह और महेश जेठमलानी के नाम हैं।

राज्यसभा में कुल 245 सांसदों की संख्या है, जिसमें फिलहाल 226 सांसद हैं। भाजपा का बल चार साल बाद राज्यसभा में 90 के नीचे है। यहाँ बहुमत का आंकड़ा 114 होता है। एनडीए के पास कुल 101 सांसद है यानी की भाजपा गठबंधन को 13 सांसदों के समर्थन की कमी हो सकती है है। ऐसे में किसी भी बिल को पास कराने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

हालात को देखते हुए क़यास लगाया जा रहा है कि इंडिया गठबंधन इस बार भाजपा की इस कमजोरी का पूरा फायदा उठाने के मूड में नज़र आ रही है।

इस समय राज्यसभा में कुल 19 खाली सीटों में से जम्मू-कश्मीर और मनोनीत कैटेगरी से चार सदस्यों की पद खाली है। इसके अलावा 8 राज्यों में 11 सीटें खाली हो गई है। उनमें से 10 सीटें राज्यसभा सांसदों द्वारा लोकसभा चुनाव लड़ने के कारण खाली हुई है।

राजयसभा की एक सीट भारत राष्ट्र समिति के सदस्य के केशव राव के इस्तीफे के कारण खाली हो गई है। बाद में उन्होंने पार्टी बदलते हुए कांग्रेस का साथ चुना। उम्मीद है कि जल्द ही इन खाली सीटों पर चुनाव होगा।

अनुमान है कि इस चुनाव में एनडीए के खाते में 8 सीटें आ सकती है। तीन सीटों पर इंडिया गठबंधन अपना कब्जा कर सकता है। जहाँ 2014 में भाजपा के पास कुल 55 सासंद थे वहीं 2019 में 78 और अब 101 सांसद हैं।

राज्यसभा में सांसद
राज्यसभा में इस समय भाजपा- 86, कांग्रेस-26, टीएमसी-13, वाईएसआरसीपी-11, आप-10, डीएमके-10, बीजेडी-9, आरजेडी-5, बीआरएस-4, जेडीयू-4, सीपीएम-4, एआईएडीएमके-4, एसपी-4, जेएमएम-3 शिवसेना (यूनिट)-2, एनसीपी(एसपी)-2, एनसीपी-2, पीआई-2, एआईएमएल-2, नॉमिनेटिड-7 और अन्य-16 सांसद मौजूद है।

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