अमेरिकी बैन पर ईरान की धमकी, दुश्मनों को दहाड़ते मिसाइल से देंगे जवाब

तेहरान : ईरान के रिवोल्युशनरी गार्ड के एक वरिष्ठ कमांडर ने शनिवार को कहा कि अगर देश के दुश्मन ने कुछ किया तो ईरानी मिसाइलें उनपर गिरेंगी. iran

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गार्ड के एयरस्पेस डिविजन के प्रमुख जनरल आमिर अली हाजीजादे ने कहा, ‘अगर दुश्मन सही रास्ते पर नहीं चलता है तो हमारी मिसाइलें उनपर गिरेंगी.’

हाजीजादे ने यह टिप्पणी मिसाइल और राडार प्रणालियों के परीक्षण पर लक्षित रिवोल्युशनरी गार्ड के सैन्य अभ्यास के दौरान आई.

यह अभ्यास उत्तर ईरान के सेमनान प्रांत में 35 हजार वर्ग किलोमीटर के इलाके में हो रहा है.

यह अभ्यास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध के एक दिन बाद हो रहा है.

रेवोल्यूशनरी गार्ड की सेपाहन्यूज वेबसाइट ने बताया कि उत्तरपूर्वी सेमनान प्रांत में युद्धाभ्यास का मकसद ‘खतरों से निपटने के लिए पूरी तैयारी’ प्रदर्शित करने के लिए और अमेरिका की ओर से लगाये गए अपमानजनक प्रतिबंधों के खिलाफ है.

वेबसाइट ने कहा, ‘इस अभ्यास में स्वदेश निर्मित विभिन्न तरह के राडार और मिसाइल तंत्र, कमान और नियंत्रण केन्द्रों और साइबर युद्ध तंत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा.’ वेबसाइट ने बाद में तैनात की जाने वाली मिसाइलों की सूची प्रकाशित की जो 75 किलोमीटर तक की कम दूरी तय करने वाली मिसाइलें हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण और यमन के विद्रोहियों को समर्थन देने को लेकर शुक्रवार को ईरान पर नए प्रतिबंध लागू किए थे. यमन के विद्रोहियों ने हाल ही में सउदी अरब के एक युद्धपोत को निशाना बनाया था.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘अमेरिका के नए कदमों के जवाब में ईरान इस क्षेत्र में आतंकवादी संगठनों की मदद करने में उनकी भूमिका के लिए कुछ अमेरिकी लोगों और कंपनियों पर कानूनी सीमाएं लागू करेगा. इन लोगों के नामों की सूची बाद में प्रकाशित की जाएगी.

ईरान के मिसाइल परीक्षण के बाद उसके खिलाफ अमेरिका की ओर से लगाए गए ताजा प्रतिबंधों के बीच रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने शनिवार को कहा कि ईरान आतंकवाद प्रायोजित करने वाला विश्व का सबसे बड़ा देश है.

मैटिस ने कहा कि जहां तक ईरान की बात है यह आतंकवाद फैलाने वाला इकलौता सबसे बड़ा देश है, लेकिन इससे निपटने के लिए पश्चिम एशिया में सैनिकों की संख्या बढ़ाने का अमेरिका का कोई इरादा नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘उसे अनदेखा करने का कोई फायदा नहीं हैं, उसे खरिज करने का कोई फायदा नहीं है और इसी के साथ ही मुझे पश्चिम एशिया में मौजूद आपने सैनिकों की संख्या में वृद्धि करने की कोई जरूरत नहीं लग रही है.’ उन्होंने कहा, ‘ऐसा करने की ताकत हमारे पास है लेकिन फिलहाल मैं इसे जरूरी नहीं समझता.’

दरअसल ईरानी वायुसेना ने अमेरिका की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए शनिवार को  सिलसिलेवार सैन्य  अभ्यास शुरू किया. इसमें राडार प्रणालियों और स्वदेशी मिसाइलों का परीक्षण भी शामिल है.

समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना द्वारा सेपाहन्यूज पर जारी एक बयान के मुताबिक, सेमनान में 35,000 वर्ग किलोमीटर के इलाके में सैन्य अभ्यास जारी है.

ईरान ने यह सैन्य अभ्यास अमेरिका के साथ बढ़े तनाव के बीच किया है, जिसने शुक्रवार को ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से संबंधित 13 व्यक्तियों और 12 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया. ईरान ने प्रतिक्रियास्वरूप यह कदम उठाया है.

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