हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने रविवार को पुरुष हॉकी के बेल्जियम को 4-3 से हराया। रोमांचक मुकाबले में भारत ने लगातार 7 मैचों में मिली हार के सिलसिले को समाप्त कर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की।

भारतीय टीम को इस मैच में भी कड़ा संघर्ष करना पड़ा। खेल की समाप्ति से मात्र 2 मिनट पहले स्कोर 3-3 से बराबर था लेकिन उसी समय भारत ने बेल्जियम के सर्कल के एंट्री लेते हुए जगह बनाई और फिर रेफरल मांगा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलने के साथ भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित सुनिश्चित हो गई।
भारत पर मैच के शुरुआत से ही बेल्जियम ने दबाव बनाया। मैच का पहला गोल आर्थर डी स्लोवर ने 8वें मिनट में किया। इस गोल की बदौलत बेल्जियम ने पहले क्वार्टर में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत पर 1-0 से बढ़त हासिल की। भारत ने दूसरे क्वार्टर में वापसी की और शानदार खेल का प्रदर्शन किया। इस क्वार्टर में सुखजीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
तीसरे क्वार्टर के शुरू में बेल्जियम ने आक्रामक खेल दिखाते निकोलस स्टॉकब्रोक्स के शानदार गोल की मदद से उसने भारत पर फिर से बढ़त हासिल कर ली। लेकिन, एक बार फिर स्टार सुखजीत सिंह ने मैच के 35वें मिनट में अपना दूसरा गोल करके भारत को फिर से बराबरी दिलाई। इस बार उन्होंने गोल करते हुए स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया।
इसके बाद अमित रोहिदास ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार गोल करते हुए भारत को मैच में पहली बार बढ़त दिलाई। रोहिदास ने बेहतरीन शॉट लगाया जो सीधे गोलपोस्ट में जा लगा। इस गोल के साथ ही भारत मैच में बेल्जियम से 3-2 से आगे हो गया।
भारतीय टीम को जवाब देते हुए बेल्जियम ने जल्द ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया जिस पर थिब्यू लैबोचेरे ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल किया। मगर हरमनप्रीत ने आखिर में पैनल्टी स्ट्रोक पर गोल की मदद से भारत की जीत पर मोहर लगा दी।
