पेपर लीक और नकल के खिलाफ बने कानून में अब दोषी को मिलेगी ये सजा

राज्यस्थान सरकार ने पेपर लीक और नकल को रोकने के लिए कानून में संशोधन किये हैं। राज्य सरकार ने अप्रैल को पारित कानून को और सख्त बना दिया है।

पेपर लीक और नकल के खिलाफ बने कानून में अब दोषी को मिलेगी ये सजा

इन मामलों में दोषी पाए जाने पर अब अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही जुर्माने की राशि को भी बढ़ाकर अधिकतम 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

कानून में संशोधन देते हुए राज्य सरकार ने लाखों युवाओं को संबल देने का प्रयास किया है। आरपीएससी, चयन बोर्ड, अधीनस्थ बोर्ड की परीक्षाओं में पेपर लीक पर उठाये गए इन क़दमों से पेपर लीक और नक़ल को रोकने में सहायता मिलने की पूरी उम्मीद है।

  • राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा भर्ती मे अनुचित साधनो की रोकथाम विधेयक विधानसभा मे पारित
  • पेपर लीक करने वालो को मिलेगी सख्त सजा, काननू मे उम्र कैद की सजा का प्रावधान
  • जुर्माने की न्यूनतम राशि दस लाख और अधिकतम 10 करोड़

सरकार ने वर्ष में दूसरी बार आए इस बिल को ढाई घंटे की चर्चा के बाद पारित किया। संसोधित प्रावधानों के साथ राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) संशोधन विधेयक 2023 को शुक्रवार को संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में रखा था।

इस बिल के तहत पेपर लीक और नकल के दोषी होने पर न्यूनतम 10 वर्ष और अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान है। जुर्म साबित होने पर न्यूनतम 10 लाख रुपये जबकि अधिकतम 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न जमा करने की स्थिति में दो साल की अतिरिक्त सजा का प्राविधान है।

गौरतलब है कि देश के बहुत से राज्यों में पेपर लीक की घटना आम है। इन मामले में दोषी पाए जाने पर उत्तर प्रदेश में केवल तीन महीने जबकि झारखंड-गुजरात तीन-तीन साल की सजा दे रहे हैं। गुजरात में सर्वाधिक 20 बार पेपर लीक की घटना सामने आई है।

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