गाजा के नासेर अस्पताल में काम करने वाले ब्रिटिश सर्जन विक्टोरिया रोज़ का कहना है कि गाजा में हम ऐसे बच्चों को खो रहे हैं जिन्हें बचाया जा सकता है।

एक अंतर्राष्ट्रीय चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बच्चों पर कुपोषण के प्रभाव के बारे में बताया। अपनी बात में उन्होंने यह भी कहा कि आज खाद्य सहायता के नौ ट्रकों की डिलीवरी सागर में एक बूंद के समान है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में, गाजा में तैनात ब्रिटिश सर्जन विक्टोरिया रोज़ ने कहा- “मैंने 2 रात पहले एक 4 वर्षीय बच्चे को खो दिया, जिसे एक गंभीर संक्रमण हो गया था।”
उन्होंने कहा कि अगर यह घटना ब्रिटेन में हुई होती तो ऐसा नहीं होता, क्योंकि वहां मुझे फुल ब्लड काउंट और रीनल फंक्शन टेस्ट जैसी बुनियादी जांचें कराने की सुविधा मिलती, लेकिन यहां उन्हें इनमें से कुछ भी नहीं मिल सका। विक्टोरिया रोज़ के मुताबिक़, यहाँ का ब्लड बैंक पूरी तरह से नष्ट हो चुका है।
ब्रिटिश सर्जन विक्टोरिया रोज़ ने कहा है कि ये सभी ऐसी चीजें हैं जिनका इलाज किया जा सकता है, हमें मदद की ज़रूरत है, भले ही गाजा में राजनीतिक रूप से क्या हो रहा हो, यह एक मानवीय समस्या है और हमें इन लोगों को भोजन और चिकित्सा सहायता प्रदान करनी चाहिए।
दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों में सहायता नहीं पहुंची तो गाजा में 14,000 बच्चों के मरने का खतरा है। यह चेतावनी सोमवार को इजरायल द्वारा पांच सहायता ट्रकों को गाजा में प्रवेश की अनुमति दिए जाने के बाद आई है, जिससे फिलिस्तीनी क्षेत्र पर 10 सप्ताह से लगी नाकेबंदी में ढील मिल गई।
उप महासचिव ने गाजा में मानवीय संकट के प्रति इजरायल के दृष्टिकोण की यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और कनाडा द्वारा की गई निंदा का स्वागत किया।











