इग्नू यानी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने जनजातीय अध्ययन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा नामक एक अभिनव शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किया है। इस पाठ्यक्रम का मक़सद भारत के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने में आदिवासी समुदायों, उनकी संस्कृतियों और भूमिका के बारे में व्यापक समझ को बढ़ावा देना है।

देश भर में शिक्षार्थियों के विविध समूह तक पहुँच को सुगम बनाने के लिए यह कार्यक्रम ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) मोड के माध्यम से पेश किया जा रहा है।
विश्वविद्यालयों एवं विभिन्न प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शोध संस्थानों जनजातीय विशेषज्ञों के सहयोग से विकसित यह कोर्स उस समग्र पारिस्थितिकी तंत्र की खोज करता है जिसमें जनजातीय समुदाय पनपते हैं।
इस कोर्स के सिलेबस में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और विकसित सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में जनजातीय योगदान पर भी विशेष जोर दिया गया है। इस बहु-विषयक पाठ्यक्रम में विज्ञान, पारिस्थितिकी, पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों, जनजातीय चिकित्सा, हस्तशिल्प, लोककथा शामिल है। इसकी मुद्रित सामग्री, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी एवं व्यक्तिगत संपर्क सत्रों के सहयोग से तैयार की गई है।
स्टेक होल्डर्स की एक विस्तृत श्रृंखला को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किए जाने वाले इस पाठ्यक्रम की मदद से जमीनी स्तर के सामाजिक कार्यकर्ता, नीति नियोजक, शोधकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य पेशेवर और विकास व्यवसायी, साथ ही आदिवासी विकास, आदिवासी स्वास्थ्य, शिक्षा और संबद्ध क्षेत्रों में करियर बनाने के इच्छुक स्नातक प्रवेश ले सकते हैं।
यह कार्यक्रम शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाने और राष्ट्र निर्माण के लिए कौशल-आधारित शिक्षा को मजबूत करने के लिए इग्नू के चल रहे मिशन को रेखांकित करता है।
कार्यक्रम के हवाले से इग्नू के स्कूल ऑफ एक्सटेंशन एंड डेवलपमेंट स्टडीज (एसओईडीएस) के निदेशक प्रोफेसर नेहल ए फारूकी ने कहा कि पीजीडीटीआरबीएस न केवल शिक्षार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान से लैस करता है, बल्कि उन्हें आदिवासी विकास पहलों के डिजाइन और कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सशक्त बनाता है। यह समावेशी शिक्षा और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के प्रति इग्नू की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस पाठ्यक्रम में प्रवेश विवरण के लिए वेबसाइट https://ignouadmission.samarth.edu.in पर जा सकते हैं। जुलाई सत्र में दाखिले के लिए वेबसाइट पर जाकर सीधे रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
