झुर्रियों से बचना चाहते हैं तो अपने सोने के तरीके में बदलाव करें

लंदन: हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ त्वचा का संबंध हमारी दिनचर्या के बहुत सारे क्रिया कलापों से जुड़ा हुआ है। इन कई क्रिया कलापों में नियमित भोजन, पानी और धूप के अलावा भी कई बातें शामिल हैं। इसी क्रम में विशेषज्ञों के अनुसार, त्वचा को नुकसान से बचाने के लिए अपने सोने के तरीके पर नजर रखना भी जरूरी है।

झुर्रियों से बचना चाहते हैं तो अपने सोने के तरीके में बदलाव करें

बहुत से लोग इस बात से अनजान हैं कि सोने की आदतें हमारे चेहरे का आकार बदल सकती हैं और झुर्रियाँ पैदा कर सकती हैं।

विशेषज्ञ, लोगों को ऐसी स्थिति में सोने के प्रति मना कर रहे हैं जिससे नींद के दौरान उनके चेहरे पर दबाव पड़ता है। ऐसा करने से उनके चेहरे के भाव बदल सकते हैं।

ऑकुलोप्लास्टिक (Oculoplastic) सर्जन डॉ. मरियम ज़मानी के अनुसार, करवट के बल सोने से एक निश्चित हिस्से पर लगातार दबाव पड़ता है और परिणामस्वरूप, करवट के जिस तरफ सोया जाता है, उस तरफ रेखाएं बन जाती हैं। यह विकृत रेखाएं शुरू में तो अस्थिर होती हैं मगर लगातार इसी पोज़िशन में रहने से झुर्रियों का रूप ले लेती है। बाद में इससे आंखें, होंठ और चेहरे की विकृति बढ़ जाती है।

क्लिनिकल फेशियलिस्ट केट केर बताती हैं कि सोने की स्थिति से चेहरे के भाव क्यों प्रभावित होते हैं। जर्नल ऑफ एस्थेटिक सर्जरी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नींद के दौरान चेहरे पर पड़ने वाले दबाव और तनाव के कारण चेहरे का रूप प्रभावित होता है।

यह विकार, जो सिलवटों और रेखाओं के रूप में नज़र आता है, दरअसल तब प्रकट होता है जब हम क्रॉच या पेट के बल सोते हैं। शुरुआत में ये खड़ी तहें अस्थायी रेखाओं के रूप में नज़र आती हैं, लेकिन जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, ये हमारे चेहरे पर एक स्थायी निशान छोड़ जाती हैं।

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