देश के कई हिस्सों में तीन सप्ताह से ज़्यादा लू चलने का अनुमान- आईएमडी

इस समय देश के अधिकतर और खाकर उत्तर भरता के मैदानी इलाक़ों में गर्मी का कहर महसूस किया जा सकता है। देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है।

देश के कई हिस्सों में तीन सप्ताह से ज़्यादा लू चलने का अनुमान- आईएमडी

मौसम का सबसे अधिक असर उत्तरा प्रदेश में देखने को मिलता है। इस समय भी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस जबकि विदर्भ के वाशिम में 43.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग द्वारा हीट वेव को लेकर लगातार चेतावनी दी जा रही है। मौसम का अनुमान लगते हुए विभाग ने सात राज्यों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया है।

इस बार लू की प्रवत्ति पर मौसम विभाग का कहना है कि पूरे अप्रैल-जून की अवधि में सामान्यतः चार से आठ दिन की तुलना में दस से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। अप्रैल में देश के विभिन्न हिस्सों में चार से आठ दिन लू चलने की आशंका है, जबकि आम तौर पर एक से तीन दिन लू वाले दिन होते हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग कम मुताबिक़, उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश सहित बिहार, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। ओडिशा और रायलसीमा, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज रहा।

मौसम विभाग के मुताबिक़, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल से लेकर उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना के कुछ भागों में तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस अधिक था।

मौसम विभाग का कहना है कि अल नीनो की कमजोर होती स्थितियों के कारन अप्रैल-जून की अवधि के दौरान अत्यधिक गर्मी की उम्मीद है।

विभाग के मुताबिक़ जिन राज्यों में अधिक संख्या में लू वाले दिन का अनुमान जताया गया है उनमें मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, मराठवाड़ा, बिहार और झारखंड शामिल हैं। विभाग का यह भी कहना है कि कुछ स्थानों पर 20 से अधिक दिन तक लू चल सकती है।

आईएमडी के अलावा अन्य वैश्विक मौसम एजेंसियों का भी कहना है कि साल के अंत में ला नीना की स्थिति बनने की उम्मीद है।

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